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कानपुर: ठंड बढ़ते ही दिल देने लगा दगा, हार्ट अटैक से दो की मौत, खून के थक्के जमने लगे, हार्ट और ब्रेन अटैक बढ़ा
Mon, 13 Dec 2021 10:55 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 13 Dec 2021 10:55 PM IST
सार
कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि इस वक्त हार्ट अटैक, हार्ट फेल और एमआई के रोगी बढ़ गए हैं। ठंडक बढ़ने से नसों में सिकुड़न आ जाती है। इससे बीपी की दिक्कत होती है और हार्ट अटैक पड़ सकता है। रोगी एंजाइना की शिकायत लेकर भी आ रहे हैं। हृदय रोगी मौसम के बदलाव के समय खास एहतियात बरतें।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
माहौल में हल्की ठंड बढ़ते ही रोगियों के दिल दगा देने लगे हैं। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में हार्ट अटैक, एंजाइना के रोगी बढ़ गए हैं। इसके साथ ही रोगियों का ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो रहा है। हार्ट अटैक से दो रोगियों की मौत हो गई।
कई रोगी गंभीर हालत में भर्ती हैं। ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और नसों में सिकुड़न होने से रोगियों के थक्का जम जा रहा है, जिससे ब्रेन अटैक पड़ रहा है। सोमवार को कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट की ओपीडी और इमरजेंसी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
कल्याणपुर में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले अंशुमान कुमार (64) को हार्टअटैक पड़ गया। पहले उन्हें दिल में भारीपन लगा। इसके बाद सांस लेने में दिक्कत हुई। उनके साथ वॉक करने वालों ने कार्डियोलॉजी पहुंचाया लेकिन बचाया नहीं जा सका।
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इसी तरह रावतपुर के राजेश कुमार (55) को हार्टअटैक पड़ गया। उनका इलाज ओपीडी स्तर पर कार्डियोलॉजी में चल रहा था। उनके बेटे रूपेश ने बताया कि अचानक सीने में दर्द बताया और सुस्त पड़ गए। क्षेत्र के नर्सिंगहोम ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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कई रोगी गंभीर हालत में भर्ती हैं। ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और नसों में सिकुड़न होने से रोगियों के थक्का जम जा रहा है, जिससे ब्रेन अटैक पड़ रहा है। सोमवार को कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट की ओपीडी और इमरजेंसी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
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कल्याणपुर में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले अंशुमान कुमार (64) को हार्टअटैक पड़ गया। पहले उन्हें दिल में भारीपन लगा। इसके बाद सांस लेने में दिक्कत हुई। उनके साथ वॉक करने वालों ने कार्डियोलॉजी पहुंचाया लेकिन बचाया नहीं जा सका।
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इसी तरह रावतपुर के राजेश कुमार (55) को हार्टअटैक पड़ गया। उनका इलाज ओपीडी स्तर पर कार्डियोलॉजी में चल रहा था। उनके बेटे रूपेश ने बताया कि अचानक सीने में दर्द बताया और सुस्त पड़ गए। क्षेत्र के नर्सिंगहोम ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि इस वक्त हार्ट अटैक, हार्ट फेल और एमआई के रोगी बढ़ गए हैं। ठंडक बढ़ने से नसों में सिकुड़न आ जाती है। इससे बीपी की दिक्कत होती है और हार्ट अटैक पड़ सकता है। रोगी एंजाइना की शिकायत लेकर भी आ रहे हैं। हृदय रोगी मौसम के बदलाव के समय खास एहतियात बरतें।
ये बरतें सावधानी
- मॉर्निंक वॉक करें लेकिन तड़के नहीं, थोड़ी देर में बाहर निकलें।
- ब्लड शुगर नियंत्रित रखें, कुछ ऐसा न खाएं जिससे शुगर बढ़े।
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं हो रहा है तो डॉक्टर से मिलें, दवाओं की डोज दुरुस्त कराएं।
- ब्लड प्रेशर नियमित चेक करते रहें।
- रात को हल्का और सादा भोजन लें।
ये बरतें सावधानी
- मॉर्निंक वॉक करें लेकिन तड़के नहीं, थोड़ी देर में बाहर निकलें।
- ब्लड शुगर नियंत्रित रखें, कुछ ऐसा न खाएं जिससे शुगर बढ़े।
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं हो रहा है तो डॉक्टर से मिलें, दवाओं की डोज दुरुस्त कराएं।
- ब्लड प्रेशर नियमित चेक करते रहें।
- रात को हल्का और सादा भोजन लें।