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लखनऊ से मना हुआ तो सेंट्रल पर खड़ी हो गई स्पेशल ट्रेन
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महाराष्ट्र के भुसावल से लखनऊ जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन को लखनऊ रेल प्रशासन ने गुरुवार को रेड सिग्नल दे दिया। लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहले से ही दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें मजदूरों को लेकर पहुंची थीं। इस पर वहां के रेल व जिला प्रशासन ने तीसरी ट्रेन को अटेंड करने में हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक आ चुकी इस स्पेशल ट्रेन को यहीं रोकना पड़ा। इसके बाद कानपुर में ही यात्रियों को उतारने की बात चलने लगी। लेकिन बिना पूर्व तैयारी के ऐसा करने में कानपुर जिला प्रशासन असहमत दिखा। सेंट्रल पर एक घंटा खड़ी रहने के बाद ट्रेन में बैठे साढ़े सात सौ मजदूरों को उन्नाव रेलवे स्टेशन पर उतारा गया।
ट्रेन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर सुबह सात बजे पहुंच गई थी। लेकिन यहां यात्रियों को उतारने की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। रोडवेज की 36 बसें भी राजस्थान के यात्रियों को भेजने और वहां से यूपी के लोगों को लाने में लग गई थीं। ऐसे में ट्रेन को उन्नाव रेलवे स्टेशन पर रोकने का निर्णय हुआ। यहां से रोडवेज की बसें मजदूरों को अलग-अलग जिलों में लेकर गईं। उधर, लखनऊ के चारबाग में पूर्वोत्तर व उत्तर रेलवे के दो स्टेशन तथा दोनों का मंडल मुख्यालय होने के बावजूद डीआरएम की मौजूदगी में तीसरी ट्रेन को लेने से मना करने पर सवाल खड़े हुए। जबकि बुधवार को प्रयागराज स्टेशन पर चार स्पेशल ट्रेनों से श्रमिक उतारे गए।
गुजरात में फंसे मजदूरों को लेकर एक और श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को दोपहर सवा दो बजे सूरत से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। वहीं दूसरी ट्रेन का शेड्यूल तय नहीं है। यह ट्रेन गुजरात के मोरबी या पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आएगी। सूरत से आने वाली ट्रेन 17 कोच की होगी, जिसमें यूपी के करीब साढ़े आठ सौ श्रमिक होंगे। इन्हें रोडवेज की बसें अलग-अलग जिलों में लेकर जाएंगी।
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ट्रेन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर सुबह सात बजे पहुंच गई थी। लेकिन यहां यात्रियों को उतारने की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। रोडवेज की 36 बसें भी राजस्थान के यात्रियों को भेजने और वहां से यूपी के लोगों को लाने में लग गई थीं। ऐसे में ट्रेन को उन्नाव रेलवे स्टेशन पर रोकने का निर्णय हुआ। यहां से रोडवेज की बसें मजदूरों को अलग-अलग जिलों में लेकर गईं। उधर, लखनऊ के चारबाग में पूर्वोत्तर व उत्तर रेलवे के दो स्टेशन तथा दोनों का मंडल मुख्यालय होने के बावजूद डीआरएम की मौजूदगी में तीसरी ट्रेन को लेने से मना करने पर सवाल खड़े हुए। जबकि बुधवार को प्रयागराज स्टेशन पर चार स्पेशल ट्रेनों से श्रमिक उतारे गए।
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गुजरात में फंसे मजदूरों को लेकर एक और श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को दोपहर सवा दो बजे सूरत से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। वहीं दूसरी ट्रेन का शेड्यूल तय नहीं है। यह ट्रेन गुजरात के मोरबी या पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आएगी। सूरत से आने वाली ट्रेन 17 कोच की होगी, जिसमें यूपी के करीब साढ़े आठ सौ श्रमिक होंगे। इन्हें रोडवेज की बसें अलग-अलग जिलों में लेकर जाएंगी।
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