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कानपुर: अपहरण के बाद दोस्त की हत्या कर मांगी दो लाख फिरौती, अब तक सामने आई ये बात
Mon, 20 Sep 2021 02:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 20 Sep 2021 02:05 PM IST
सार
एसीपी विकास कुमार पांडेय ने बताया कि रवि शातिर किस्म का है। वह शुरू से पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो पहले उसने साफ इनकार कर दिया, फिर उसने महेंद्र को पांडु नदी में फेंकने की बात कबूली।
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कानपुर: नदी में युवक का शव ढूंढते गोताखोर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में बर्रा से अपहृत गोलगप्पा विक्रेता की उसके दोस्त ने ईंट से सिर कूंचकर हत्या कर दी। शव वनपुरवा में एक खाली प्लॉट में मिला। इसके बाद हत्यारोपी ने दोस्त के बहनोई को फोन कर दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मुख्य आरोपी समेत चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। मृतक के भाई की तहरीर पर मुख्य आरोपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मध्यप्रदेश दतिया निवासी गोलगप्पा विक्रेता महेंद्र दोहरे (22) कर्रही में बहनोई नंदराम के घर रहता था। पुलिस के मुताबिक, महेंद्र रविवार शाम से लापता था। उसका मोबाइल भी बंद था। रात करीब साढ़े आठ बजे नंदराम के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने महेंद्र का अपहरण करने की जानकारी दी।
कहा कि दो लाख रुपये का इंतजाम करो और उसे सही सलामत ले जाओ। नंदराम ने यह जानकारी पुलिस को दी। देररात जब दोबारा फिरौती का कॉल आया तो पुलिस ने सर्विलांस की मदद से जरौली के एक मकान से चार युवकों को हिरासत में लिया। इसमें रवि प्रजापति नाम का शख्स भी था।
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रवि ने बताया कि उसने महेंद्र को नदी में फेंक दिया है। पुलिस पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की मदद से पूरे दिन पांडु नदी में तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। देररात महेंद्र का शव वनपुरवा पुल से 400 मीटर दूर एक खाली प्लॉट में मिला। सूचना पर फोरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंचे एसीपी ने जांच कर शव को कब्जे में ले लिया।
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मध्यप्रदेश दतिया निवासी गोलगप्पा विक्रेता महेंद्र दोहरे (22) कर्रही में बहनोई नंदराम के घर रहता था। पुलिस के मुताबिक, महेंद्र रविवार शाम से लापता था। उसका मोबाइल भी बंद था। रात करीब साढ़े आठ बजे नंदराम के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने महेंद्र का अपहरण करने की जानकारी दी।
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कहा कि दो लाख रुपये का इंतजाम करो और उसे सही सलामत ले जाओ। नंदराम ने यह जानकारी पुलिस को दी। देररात जब दोबारा फिरौती का कॉल आया तो पुलिस ने सर्विलांस की मदद से जरौली के एक मकान से चार युवकों को हिरासत में लिया। इसमें रवि प्रजापति नाम का शख्स भी था।
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रवि ने बताया कि उसने महेंद्र को नदी में फेंक दिया है। पुलिस पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की मदद से पूरे दिन पांडु नदी में तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। देररात महेंद्र का शव वनपुरवा पुल से 400 मीटर दूर एक खाली प्लॉट में मिला। सूचना पर फोरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंचे एसीपी ने जांच कर शव को कब्जे में ले लिया।
महेंद्र के चेहरे और गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। इसके अलावा सिर पर ईंट से वार भी किया गया था। पुलिस ने मौके से खून से सनी ईंट भी बरामद की। एडीसीपी साउथ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि रवि पर रिपोर्ट दर्ज कर बाकी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
दिनभर नदी में खाक छानते रहे गोताखोर
एसीपी विकास कुमार पांडेय ने बताया कि रवि शातिर किस्म का है। वह शुरू से पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो पहले उसने साफ इनकार कर दिया, फिर उसने महेंद्र को पांडु नदी में फेंकने की बात कबूली। इसके बाद पीएसी व स्थानीय गोताखोरों ने स्टीमर की मदद से 25 किमी तक पांडु नदी में महेंद्र की तलाश की, लेकिन पता नहीं चल सका। देररात पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने वनपुरवा पुल से 400 मीटर दूर स्थित एक खाली प्लॉट में शव फेंकने की जानकारी दी। रवि की निशानदेही पर पुलिस जब वहां पहुंची तो प्लॉट में ताला बंद मिला। पुलिस जब आठ फीट की दीवार फांदकर भीतर गई तो वहां महेंद्र का शव मिला। शव बरामदगी के बाद पुलिस अब हत्या की वजह जानने का प्रयास कर रही है।
दिनभर नदी में खाक छानते रहे गोताखोर
एसीपी विकास कुमार पांडेय ने बताया कि रवि शातिर किस्म का है। वह शुरू से पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो पहले उसने साफ इनकार कर दिया, फिर उसने महेंद्र को पांडु नदी में फेंकने की बात कबूली। इसके बाद पीएसी व स्थानीय गोताखोरों ने स्टीमर की मदद से 25 किमी तक पांडु नदी में महेंद्र की तलाश की, लेकिन पता नहीं चल सका। देररात पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने वनपुरवा पुल से 400 मीटर दूर स्थित एक खाली प्लॉट में शव फेंकने की जानकारी दी। रवि की निशानदेही पर पुलिस जब वहां पहुंची तो प्लॉट में ताला बंद मिला। पुलिस जब आठ फीट की दीवार फांदकर भीतर गई तो वहां महेंद्र का शव मिला। शव बरामदगी के बाद पुलिस अब हत्या की वजह जानने का प्रयास कर रही है।
दोस्ती में विश्वासघात, रंजिश और प्रतिस्पर्धा में वारदात
आरोपी रवि भी गोलगप्पे का ठेला लगाता है। उसकी महेंद्र से दोस्ती भी थी। रवि ने बताया कि तीन दिन पहले दोनों में विवाद हो गया था। आरोप लगाया कि महेंद्र ने उसको पिटवाया था। दुकानदारी प्रभावित होने से भी वह महेंद्र से खुन्नस रखने लगा था। इसी वजह से रविवार शाम को उसे साइकिल से वनपुरवा पांडु नदी के आगे ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने फिरौती की साजिश रची। हालांकि, हत्यारोपी की तस्वीर साइकिल से जाते हुए एक शराब ठेके के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
पुलिस बोली, मां को जेल भेजो, तब कबूल किया गुनाह
रवि मूलरूप से झांसी का रहने वाला है। पुलिस रातभर उससे पूछताछ करती रही, लेकिन वह चुप्पी साधे रहा। आखिर में इंस्पेक्टर ने जब कहा कि इसकी मां को जेल भेज दो, तब रवि टूट गया और उसने गुनाह कबूल कर लिया। उसने कहा कि पूरी घटना में सिर्फ उसी का हाथ है। इसमें और कोई शामिल नहीं है। घटना की सूचना पर महेंद्र के पिता काली दोहरे, मां केसकली, भाई सुरेंद्र भी शहर आ गए हैं।
2:22 बजे फोन किया, 36 सेकेंड बात, तीन बजे पकड़े गए
रवि ने फिरौती की पहली कॉल रात 8:26 बजे की। नंदराम तत्काल पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने उन्हें थाने में ही रोक लिया। देररात 2:22 बजे दोबारा कॉल आई। 36 सेकेंड बातचीत हुई। इसी दौरान पुलिस सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस कर उस तक पहुंच गई। करीब तीन बजे चारों को पकड़ लिया।
आरोपी रवि भी गोलगप्पे का ठेला लगाता है। उसकी महेंद्र से दोस्ती भी थी। रवि ने बताया कि तीन दिन पहले दोनों में विवाद हो गया था। आरोप लगाया कि महेंद्र ने उसको पिटवाया था। दुकानदारी प्रभावित होने से भी वह महेंद्र से खुन्नस रखने लगा था। इसी वजह से रविवार शाम को उसे साइकिल से वनपुरवा पांडु नदी के आगे ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने फिरौती की साजिश रची। हालांकि, हत्यारोपी की तस्वीर साइकिल से जाते हुए एक शराब ठेके के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
पुलिस बोली, मां को जेल भेजो, तब कबूल किया गुनाह
रवि मूलरूप से झांसी का रहने वाला है। पुलिस रातभर उससे पूछताछ करती रही, लेकिन वह चुप्पी साधे रहा। आखिर में इंस्पेक्टर ने जब कहा कि इसकी मां को जेल भेज दो, तब रवि टूट गया और उसने गुनाह कबूल कर लिया। उसने कहा कि पूरी घटना में सिर्फ उसी का हाथ है। इसमें और कोई शामिल नहीं है। घटना की सूचना पर महेंद्र के पिता काली दोहरे, मां केसकली, भाई सुरेंद्र भी शहर आ गए हैं।
2:22 बजे फोन किया, 36 सेकेंड बात, तीन बजे पकड़े गए
रवि ने फिरौती की पहली कॉल रात 8:26 बजे की। नंदराम तत्काल पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने उन्हें थाने में ही रोक लिया। देररात 2:22 बजे दोबारा कॉल आई। 36 सेकेंड बातचीत हुई। इसी दौरान पुलिस सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस कर उस तक पहुंच गई। करीब तीन बजे चारों को पकड़ लिया।