Kanpur: 1.81 करोड़ की ठगी करने वाले तीन पेशेवर ठग गिरफ्तार, दवा कंपनी के मालिक ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
1.81 करोड़ की ठगी करने में क्राइम ब्रांच की टीम ने गुजरात, मध्यप्रदेश और मुंबई निवासी तीन शातिरों को गिरफ्तार किया। चकेरी निवासी दवा कंपनी के मालिक ने सितंबर 2022 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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कानपुर में चकेरी के डिफेंस कॉलोनी निवासी दवा कंपनी के मालिक राजेश कुमार गुप्ता को बीज सप्लाई का झांसा देकर उनसे एक करोड़, 81 लाख की ठगी में क्राइम ब्रांच ने तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। एसीपी क्राइम ब्रज नारायण सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान अहमदाबाद निवासी जनक कुमार पटेल, मध्यप्रदेश के सीधी मझौली निवासी रामेश कुमार जायसवाल और मुंबई निवासी अजहर के रूप में हुई है।
जनक पटेल सिंगापुर से एमबीए कर चुका है। वह 2016 में फ्रॉड के मामले में जेल जा चुका है। वहीं अजहर मुंबई से जेल जा चुका है। तीसरा आरोपी रमेश कुमार जायसवाल फर्जी लेनदेन का काम करता है। तीनों गिरोह बनाकर लोगों को ठगते हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के 19 चेक बुक, 6 बैंक पासबुक, 23 सिम, 21 एटीएम कार्ड, 10 सील स्टांप (मुहर), 1 लैपटाप, 7 मोबाइल फोन, विभिन्न फर्मों के फर्जी दस्तावेज, 3 पैन कार्ड, 8 आधार कार्ड, 1 फर्जी यूपीआई, 2 रजिस्टर, विभिन्न फर्मो के जीएसटी कार्ड, 1 एटीएम किट, बरामद हुए हैं।
ऐसे की इतनी बड़ी ठगी
आरोपियों ने पिछले साल राजेश कुमार गुप्ता के पास युनाइटेड किंगडम निवासी डॉ फ्रैंक के नाम से एक ईमेल भेजा। बताया कि उनकी बड़ी दवा कंपनी है उन्हें कच्चे माल के लिए भारत के किसानों से एक खास किस्म का बीज चाहिए। राजेश उन्हें उपलब्ध कराएंगे तो वह ऊंचे दामों पर खरीदेंगे। राजेश को ठगों ने भारत के कुछ किसानों के नंबर दिए जो उक्त किस्म का बीज उगाते थे। ठगों ने राजेश से कहा था कि जब 150 पेटी बीज एकत्र होगा तभी वह आर्डर का पेमेंट चुकाएंगे। ऐसे में ठगों के बताए किसानों से राजेश बीज खरीदते गए और उनके द्वारा बताए गए नौ विभिन्न बैंक खातों में एक करोड़ 11 लाख रुपये भेज दिए।
जब 150 पेटियां राजेश ने खरीद लीं तो ठगों ने मेल के जरिये बताया कि उनका पेमेंट करने और माल लेने के लिए डॉ. ओवेन स्मिथ नाम का शख्स भारत भेजा जा रहा है। वह तो आया नहीं लेकिन उसका कॉल आया कि पेमेंट देने के लिए उनको एंबेसी में कुछ शुल्क और घूस देनी है। झांसे में फंसे राजेश ने करीब 70 लाख रुपये उनके खाते में डाल दिए। इसके बाद ठगों ने फिर झांसा दिया कि भारत के फाइनेंस डिपार्टमेंट के लोग 24 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैैं। यह सुनकर राजेश को शक हुआ। उन्होंने उक्त किसानों को फोन किया तो सभी नंबर बंद थे। इसपर उन्होंने चकेरी में केस दर्ज करा दिया था।