{"_id":"648dfdf8ed665a80f50f3a54","slug":"kanpur-three-deaths-due-to-heatstroke-55-kidney-failure-in-10-days-2023-06-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: लू लगने से तीन मौतें, 10 दिन में 55 के गुर्दे फेल, बरतें सतर्कता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: लू लगने से तीन मौतें, 10 दिन में 55 के गुर्दे फेल, बरतें सतर्कता
Sun, 18 Jun 2023 12:11 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 18 Jun 2023 12:11 AM IST
सार
यूपी के कानपुर में लू लगने से तीन रोगियों की मौत हो गई। गर्मी के कहर से बचने के लिए एहतियात बरतना जरूरी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में गर्मी का कहर जारी है। शनिवार को लू लगने से तीन रोगियों की मौत हो गई। हैलट ओपीडी और इमरजेंसी में 10 दिनों में लू लगने से 55 रोगियों के गुर्दे फेल हुए हैं। इनमें एक्यूट किडनी इंजरी के रोगी सबसे अधिक हैं। जो क्रोनिक किडनी रोगी रहे हैं, उनके डायलिसिस की नौबत आ गई है। डायलिसिस यूनिट में पक्षपात की शिकायत का प्राचार्य डॉ. संजय काला ने संज्ञान लिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक्यूट किडनी इंजरी के रोगी इलाज से ठीक हो जाते हैं। क्रोनिक रोगियों में रिकवरी नहीं हो पाती। चकेरी के रहने वाले शिवराम (65) को लिवर की बीमारी पहले से रही है। दोपहर को लू लगने के बाद उल्टी-दस्त शुरू हो गए। अस्पताल आते-आते तक मौत हो गई। इसी तरह चौबेपुर के रहने वाले रईस (55) की लू लगने के बाद सांस में दिक्कत से मौत हुई है।
विज्ञापन
विशेषज्ञों का कहना है कि एक्यूट किडनी इंजरी के रोगी इलाज से ठीक हो जाते हैं। क्रोनिक रोगियों में रिकवरी नहीं हो पाती। चकेरी के रहने वाले शिवराम (65) को लिवर की बीमारी पहले से रही है। दोपहर को लू लगने के बाद उल्टी-दस्त शुरू हो गए। अस्पताल आते-आते तक मौत हो गई। इसी तरह चौबेपुर के रहने वाले रईस (55) की लू लगने के बाद सांस में दिक्कत से मौत हुई है।
विज्ञापन
इसी तरह नरवल के विनोद की दो साल की बच्ची की मौत हो गई। उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि एकेआई के कुछ रोगियों को डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। क्रोनिक रीनल फेल्योर के रोगियों को अधिक दिक्कत होती। डायलिसिस यूनिट में तीमारदारों के आरोप कि सिफारिश वालों की जल्दी डायलिसिस होती है के संबंध में हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि इसका प्राचार्य ने संज्ञान लिया है। संबंधित कर्मचारी अवकाश पर है, उसके आने के बाद कार्रवाई होगी।