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Kanpur: महंत की ओर से इनाम की घोषणा पर बोले मौर्य- श्राप देकर नष्ट कर देते, 21 लाख रुपये भी बच जाते

Tue, 31 Jan 2023 10:24 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 31 Jan 2023 10:24 AM IST
सार

स्वामी प्रसाद मौर्य के सिर पर 21 लाख रुपये का इनाम घोषित करने संबंधी हनुमान गढ़ी के महंत के बयान पर मौर्य बोले कि साधु, संतों, महात्माओं को तो गुस्सा आता ही नहीं है, जिंदगी में एक-आध बार क्रोध आया तो श्राप से साफ कर देते हैं।

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Kanpur: Swami Prasad Maurya statement about Mahant of Hanuman Garhi
स्वामी प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामचरितमानस को प्रतिबंधित करने के बयान से विवाद में आए सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य का कहना है कि उन्हें मानस की उस चौपाई से दिक्कत है जिसमें शूद्रों, गंवारों और महिलाओं के साथ मारपीट करने की बात कही गई है।
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उनके सिर पर 21 लाख रुपये का इनाम घोषित करने संबंधी हनुमान गढ़ी के महंत के बयान पर मौर्या बोले कि साधु, संतों, महात्माओं को तो गुस्सा आता ही नहीं है, जिंदगी में एक-आध बार क्रोध आया तो श्राप से साफ कर देते हैं। लगता कि महंत को जप-तप पर विश्वास नहीं है, अगर होता तो श्राप से उन्हें राख कर देते। उनके 21 लाख रुपये भी बच जाते और किसी को पता भी नहीं चलता। सपा के राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य पहली बार नगर आए थे।
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उन्होंने पूर्व मंत्री भगवती सागर के रतनलालनगर में हुए निजी कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर पत्रकारों से बोले कि उन्हें रामचरितमानस से मतलब नहीं है। इसके अलावा रामचरितमानस की प्रतियां भी नहीं जलाई गईं। लोगों ने नारे लिखी दफ्ती जलाई थी। किसी को अपमानित करना धर्म नहीं होता। धर्म मानव कल्याण के लिए होता है। यह पूछने पर कि कुछ धर्मगुरु उन्हें चौपाई का अर्थ समझाने की बात कह रहे हैं।

इस पर बोले कि कुछ ढोंगी बाबाओं की हकीकत सामने आ गई है। वह महिलाओं, अनुसूचित जाति और आदिवासियों को सम्मान दिलाने के लिए आवाज उठा रहे हैं। महासचिव बनने के पहली बार नगर आगमन पर सपाइयों ने गंगापुल पर उनका स्वागत किया। इस दौरान वह नेताओं से कुछ नहीं बोले।

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