Kanpur: समाज कल्याण अधिकारी ने बाबुओं पर लगाया वसूली का आरोप, पत्र वायरल…DM ने लिया संज्ञान, कही ये बात
Kanpur News: सोशल मीडिया पर वायरल तीनों पत्र में बाबुओं को जिले से हटाकर किसी अन्य जिले में तैनात करने का अनुरोध समाज कल्याण निदेशक से किया गया है। वायरल पत्रों का जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात भी कही।
विस्तार
कानपुर में गुरुवार को सीएमओ के निलंबन के बाद समाज कल्याण विभाग में तैनात तीन बाबुओं और एक ऑपरेटर के खिलाफ भी कार्रवाई के पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी शिल्पी सिंह ने इन कर्मियों को जिले से हटाने के लिए समाज कल्याण निदेशक को तीन पत्र लिखे हैं।
उन्होंने सरकारी योजनाओं की सहायता राशि में धन वसूली और कार्य के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। यह पत्र समाज कल्याण अधिकारी ने 11 जून को लिखे थे। सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। दरअसल, सीएमओ के कथित रूप से ऑडियो और जनप्रतिनिधियों के लिखे पत्र वायरल होने के बाद शासन से तुरंत निलंबन की कार्रवाई हो गई।
कर्मचारियों को हटाने के लिए भेजा है पत्र
ऐसे में इन्हें जल्द कार्रवाई की कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है। समाज कल्याण विभाग विभाग में लगातार एक के बाद एक चर्चाएं शुरू हैं। विभाग के जिन कर्मचारियों ने जिलाधिकारी और उच्च अधिकारियों से समाज कल्याण अधिकारी की शिकायत की थी, अब उन्हीं कर्मचारियों को जिले से हटाने के लिए निदेशक को पत्र भेजा है।ग
कर्मचारियों को हटाने के लिए भेजा है पत्र
ऐसे में इन्हें जल्द कार्रवाई की कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है। समाज कल्याण विभाग विभाग में लगातार एक के बाद एक चर्चाएं शुरू हैं। विभाग के जिन कर्मचारियों ने जिलाधिकारी और उच्च अधिकारियों से समाज कल्याण अधिकारी की शिकायत की थी, अब उन्हीं कर्मचारियों को जिले से हटाने के लिए निदेशक को पत्र भेजा है।
लगातार मिल रही हैं धन वसूली की शिकायतें
समाज कल्याण अधिकारी ने पहला पत्र कनिष्ठ सहायक प्रेम शरण के खिलाफ लिखा। इसमें बताया कि नौ वर्ष से कार्यालय में तैनात प्रेम शरण राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार उत्पीड़न पटल देखते हैं। इनके खिलाफ लगातार धन वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। धन वसूली के ऑडियो, वीडियो भी पीड़ितों ने सौंपे हैं।
फर्जीवाड़े के अभिलेख भी गायब कर दिए
इन्होंने वर्ष 2021 में शादी अनुदान, पारिवारिक लाभ योजना में हुए फर्जीवाड़े के अभिलेख भी गायब कर दिए हैं। इस मामले में विभाग में तैनात कंप्यूटर आपरेटर रितेश कुमार की मिलीभगत बताई। दूसरा पत्र कनिष्ठ सहायक सुनील वर्मा के खिलाफ लिखा। इसमें उन्होंने सुनील को 10 वर्ष से कार्यालय में तैनात बताया।
फर्जी तरीके से आवास आवंटन प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप
इन पर उन्नयन बस्ती में फर्जी तरीके से आवास आवंटन प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप लगाया। साथ ही वर्ष 2023-24 में छात्रों का अध्ययन पूर्ण न करते हुए पाठ्यक्रम अधूरा छोड़ने और छात्रों की छात्रवृत्ति संबंधित हार्ड कापी उपलब्ध न कराने समेत अन्य आरोप लगाए। तीसरा आरोप कनिष्ठ सहायक अंजू गौतम पर लगाया।
वायरल पत्रों का जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया
बताया 10 वर्ष से जिले में तैनात हैं। इन्हें विभाग की कोई जानकारी नहीं है। किसी भी कार्य में रुचि नहीं लेती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तीनों पत्र में बाबुओं को जिले से हटाकर किसी अन्य जिले में तैनात करने का अनुरोध समाज कल्याण निदेशक से किया है। वायरल पत्रों का जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात भी कही।
समाज कल्याण अधिकारी ने पत्र भेजकर तीनों बाबुओं पर आरोप लगाए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। -प्रशांत कुमार, निदेशक