Kanpur Sikh Riot: 13 सिखों के नरसंहार में था राघवेंद्र का हाथ, एसआईटी को रंगनाथ मिश्र आयोग से मिले अहम साक्ष्य
सिख विरोधी दंगों के दौरान कई वारदातों में राघवेंद्र सिंह कुशवाहा शामिल था। उसका नाम किदवई नगर के ब्लॉक में हुए हत्याकांड में भी सामने आया। एसआईटी को रंगनाथ मिश्र आयोग से अहम साक्ष्य मिले हैं।
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कानपुर में निराला नगर हत्याकांड के अलावा दंगों के दौरान किदवई नगर के ब्लॉक में हुई 13 सिखों की हत्या में भी पूर्व मंत्री के भतीजे राघवेंद्र सिंह का हाथ था। एसआईटी को ऐसे कई सुबूत मिले हैं जो इस बात की पुष्टि कर रहे हैं। एसआईटी गवाहों के बयान कराने के साथ ही राघवेंद्र को इस केस में भी आरोपी बनाएगी। कोर्ट में केस को आगे बढ़ाने की अपील भी की गई है।
1984 में सिख विरोधी दंगों के दौरान किदवई नगर के ब्लॉक में 13 सिखों को मारकर उनके शव जला दिए गए थे। तब केस दर्ज कर इसमें चार्जशीट लगाई गई थी, 12 की गिरफ्तारी भी की गई थी। सुबूतों और गवाहों की कमी की वजह से इस केस की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी। सभी आरोपी बरी हो गए थे। एसआईटी की जांच में आया कि इस नरसंहार में भी पूर्व मंत्री का भतीजा राघवेंद्र सिंह कुशवाहा मुख्य रूप से शामिल था।
एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि एकसाथ सबसे अधिक लोगों की हत्या इसी वारदात में की गई थी। अब जब अन्य केसों की विवेचना के दौरान रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट जुटाई गई तो उसमें इस हत्याकांड से जुड़े कई अहम साक्ष्य सामने आए हैं।
इसमें वादी, गवाह आदि के नाम और बयान मिले हैं। इन्हीं दस्तावेजों में राघवेंद्र सिंह कुशवाहा का नाम है, जिसकी हत्याकांड में मुख्य भूमिका थी। अब नए सिरे से इस केस के वादी, गवाहों आदि की तलाश शुरू की गई है। कोर्ट में केस को आगे बढ़ाने की अपील भी की गई है।
तेल कारोबारी थे सिख, बोरों में भरकर लूटी थी रकम
डीआईजी ने बताया कि जिन 13 लोगों की हत्या की गई थी वह एक ही परिवार के थे। वे सब तेल का कारोबार करते थे। इसलिए इस घर को दंगाइयों ने निशाना बनाया था। सभी को मौत के घाट उतारने के बाद उनके घर से बोरों में भरकर पैसे लूट ले गए थे। इसके साक्ष्य आज भी मौजूद हैं।
अब अन्य केसों में शुरू होगी गिरफ्तारी
सिख विरोधी दंगों में अभी तक 11 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। ये सभी निराला नगर तिहरे हत्याकांड से जुड़े हैं। इसमें अभी 16 आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। डीआईजी ने बताया कि कई केस ऐसे हैं, जिनमें दो, चार, छह आरोपी हैं। अब इन केसों के आरोपियों की गिरफ्तारी कर जल्द से जल्द उनमें चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।