Kanpur Shikh Riots: सिखों के नरसंहार में पूर्व पार्षद समेत चार गिरफ्तार, दो जेल भेजे गए, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
कानपुर में वर्ष 1 984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में शहर में 127 सिखों की हत्या की गई थी। इस दौरान गोविंदनगर के दबौली में एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या हुई थी। वहीं, नौबस्ता थाना क्षेत्र में के-ब्लॉक किदवईनगर में दोहरा हत्याकांड हुआ था।
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कानपुर में सिख विरोधी दंगे की जांच में जुटी एसआईटी ने बुधवार सिखों के नरसंहार के मामले में पूर्व पार्षद समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें के ब्लॉक किदवईनगर में हुए दोहरे हत्याकांड के दो आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं गोविंदनगर के दबौली में हुए नरसंहार के आरोपी पूर्व पार्षद समेत दो को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सिख विरोधी दंगे में शहर में 127 सिखों की हत्या हुई थी। इसकी जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण ने बताया कि नौबस्ता थाना क्षेत्र में के-ब्लॉक किदवईनगर निवासी मकान मालिक सार्दुल सिंह व सेवादार गुरुदयाल सिंह की हत्या कर लूटपाट की गई थी। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर 13 आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मंगलवार देर रात एसआईटी की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान के-ब्लॉक किदवईनगर निवासी सिद्ध गोपाल गुप्ता उर्फ बब्लू (66) व नौबस्ता के यशोदानगर निवासी जितेंद्र कुमार तिवारी (58) हैं। वहीं बुधवार दोपहर एसआईटी की टीम ने गोविंदनगर के दबौली में हुए नरसंहार में शामिल पूर्व पार्षद भरत शर्मा और उसके भाई योगेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी एक ही परिवार के सात लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।
इसके बाद लूटपाट कर शव को जला दिया था। इस नरसंहार में विशाख सिंह, उनकी पत्नी सरन कौर, बेटी गुरुवचन कौर के अलावा चार बेटों जोगेंदर सिंह, गुरचरन सिंह, छत्रपाल सिंह और गुरुमुख सिंह की हत्या की गई थी। एसआईटी के डीआईजी बालेद्रु भुषण ने बताया कि एसआईटी की कार्रवाई जारी रहेगी। देर रात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दोबारा टीम रवाना होगी।
मामले में 13 आरोपी, चार की मौत, दो गंभीर बीमार, दो उम्रदराज
नौबस्ता थाने में दर्ज केस नंबर 574/84 में 13 लोगों को नामजद किया गया था। इनमें से चार की मौत हो चुकी है। दो कैंसर और रीढ़ की बीमारी से ग्रसित हैं। दो की उम्र 95 से ज्यादा है। ऐसे में इनकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
साहब... हम तो जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर हैं, जहां चाहो, ले चलो
एसआईटी टीम आरोपियों की गिरफ्तारी करने किदवईनगर पहुंची। दो उम्रदराज आरोपियों के घर एसआईटी पहुंची तो उन्होंने कहा कि साहब.... हम तो उम्र के अंतिम पड़ाव पर हैं। जहां चाहो, ले चलो। हमें तो खड़ा होने के लिए भी सहारे की जरूरत पड़ती है। इसके बाद टीम बगैर गिरफ्तारी करे लौट आई।