UP: शाहिद पिच्चा नाम है…पुलिस मेरी मर्जी के कुछ नहीं करती, रंगदारी न देने पर हिस्ट्रीशीटर ने कारोबारी को पीटा
Kanpur News: डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि दोनों शातिर अपराधी हैं। चार माह पहले ही जेल से छूटकर आए हैं। दोनों की तलाश की जा रही है।
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मेरे क्षेत्र में अगर काम करना है, तो पैसा देना पड़ेगा। मेरा नाम शाहिद पिच्चा है। यहां पुलिस भी कुछ करने से पहले मेरी इजाजत लेती है। यह धमकी रंगदारी न देने पर हिस्ट्रीशीटर ने होजरी कारोबारी को दी। विरोध पर हिस्ट्रीशीटर ने साथी संग मिलकर कारोबारी से गाली गलौज कर मारपीट की। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर व उसके साथी पर रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
चमनगंज निवासी फहीम अहमद का नशरा होजरी नाम से फर्म है। उनकी फर्म होजरी का व्यापार करती है। कारखाना चमनगंज में है। फहीम ने बताया कि 29 अप्रैल की शाम करीब छह बजे वह कारखाने जा रहे थे। वह अजमेरी चौराहे के पास पहुंचे ही थे कि रहीम बिरयानी वाले की दुकान पर बैठे हिस्ट्रीशीटर शाहिद पिच्चा व यूसुफ चटनी ने उन्हें आवाज देकर बुलाया।
रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश
जब वह पहुंचे, तो दोनों ने क्षेत्र में कारोबार करने के बदले 25 हजार रुपये प्रतिमाह रंगदारी मांगी। उन्होंने इसका विरोध किया तो हिस्ट्रीशीटर ने साथी संग मिलकर बुरी तरह से पीटा। गाली गलौज की। उसने धमकी दी की क्षेत्र में अगर काम करना है तो पैसा देना पड़ेगा। यहां पुलिस भी कुछ करने से पहले मेरी इजाजत लेती है। कारोबारी ने इसकी शिकायत थाने में की। पुलिस ने मामले में कारोबारी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।