Kanpur: जानलेवा हुई ठंड! हार्ट अटैक से सात और ब्रेन अटैक से चार की मौत, ऐसे मरीजों की बढ़ी संख्या
भीषण ठंड दिल और दिमाग दोनों पर भारी पड़ रही है। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में बुधवार शाम तक चार रोगी मृतावस्था में इमरजेंसी लाए गए। वहीं, हार्ट अटैक से सात और ब्रेन अटैक से चार की मौत हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में शीत लहर के असर से लोगों को हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक पड़ने का सिलसिला जारी है। बुधवार को हार्ट अटैक से सात और ब्रेन अटैक से चार रोगियों की मौत हो गई। साथ ही हार्ट अटैक के 32 रोगियों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया।
इसके अलावा कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी और ओपीडी में रोगियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसी तरह हैलट में ब्रेन अटैक के तीन मरीज भर्ती किए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेन अटैक के रोगियों की मस्तिष्क की नस फट जा रही हैं। अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से ऐसा हो रहा है।
ज्यादातर रोगियों ने बीच में दवा छोड़ दी थी। इसके अलावा ब्रेन अटैक के ऐसे भी रोगी आए जिनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता था लेकिन उन लोगों ने दवा नहीं ली। कार्डियोलॉजी में ठंड लगने से गंभीर हालत में भर्ती हुए तीन रोगियों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
इसके साथ ही बुधवार शाम तक चार रोगी मृतावस्था में इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी लाए गए। इन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने के पहले ही इनकी मौत हो गई थी। यह आंकड़ा कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट आए रोगियों का है।
इसके अलावा निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के रोगियों की भी मौत हुई है। ब्रेन अटैक से चार रोगियों की मौत हुई है। इन्हें हैलट लाया गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इनमें जाजमऊ के अमृत (55), चकेरी के राजेश (51), नवाबगंज के विनोद (48) और चौबेपुर के नाथूराम (65) हैं।
इन्हें ब्लडप्रेशर और डायबिटीज की दिक्कत रही है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. निखिल डोंगरे ने बताया कि अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से मस्तिष्क की नसों में लीकेज हो जाता है। वहीं, डॉ. विनय कृष्णा, निदेशक कार्डियोलॉजी ने लोगों को सावधनी बरतने को कहा है।
ऐसे करें बचाव
- गुनगुना पानी पीयें, हीटर के सामने पानी की बोतल रख लें।
- नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।
- गर्म कमरे से अचानक बाहर न निकलें।
- रात में सोते वक्त हीटर वगैरह बंद कर लें।
- गरिष्ठ भोजन न लें, खाने के एक घंटे के बाद सोने जाएं।
- ब्लडप्रेशर, डायबिटीज के रोगी दवा की डोज दुरुस्त करा लें।