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Kanpur: सरसौल ओवरब्रिज की बदहाली, उद्घाटन के दो साल में ही लगा धंसने, रेलवे टीम ने किया जर्जर पुल का निरीक्षण
Tue, 11 Aug 2026 12:47 PM IST
Himanshu Awasthi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:47 PM IST
सार
Kanpur News: अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे प्रबंधन हरकत में आ गया है। मंगलवार को रेलवे की तकनीकी टीम ने सरसौल रेलवे ओवरब्रिज का बारीकी से निरीक्षण किया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बने इस 30 करोड़ रुपये के ब्रिज की दीवारें जगह-जगह धंस गई हैं, जिससे बरसात में बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
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सरसौल ओवरब्रिज का निरीक्षण करती टीम
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बना 30 करोड़ का सरसौल रेलवे ओवरब्रिज दो साल में ही जर्जर हो गया है। जुलाई 2024 में जनता को समर्पित इस ब्रिज की दीवारें जगह-जगह धंस गई हैं और आरसीसी के टुकड़े टूटकर राहगीरों पर गिर रहे हैं। बरसात में हादसे का खतरा बढ़ गया है। इस परियोजना की आधारशिला एक जनवरी 2022 को रखी गई थी। करीब दो साल बाद बने ब्रिज का लोकार्पण जुलाई 2024 में हुआ था।
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हालांकि, उद्घाटन के दो साल के भीतर ही इसकी तकनीकी खामियां सामने आने लगीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नरवल मोड़ से टौंस की तरफ जहां गर्डर खत्म होकर सड़क शुरू होती है, वहीं दोनों तरफ की दीवारें धंस गई हैं। करीब 15 दिन पहले ऊपर सड़क पर डामर डालकर गड्ढे बंद किए गए, लेकिन नीचे जोड़ पर अब भी लकड़ी की प्लाई लगी है जिस कारण आरसीसी टूटकर नीचे आ रही है।
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टीम ने ओवरब्रिज का बारीकी से निरीक्षण किया
अमर उजाला ने इस लापरवाही को प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होते ही मंगलवार को रेलवे की टीम सरसौल पहुंची और ओवरब्रिज का बारीकी से निरीक्षण किया। दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि रोज सैकड़ों छात्र, बुजुर्ग और दो पहिया वाहन चालक इसी रास्ते से गुजरते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि ब्रिज की स्थायी मरम्मत के साथ बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि बरसात में कोई बड़ा हादसा न हो।