कानपुर लूटकांड: संदिग्धों के बयान कराने से इन्कार, रमेश बोले- हमारे सामने होगी पूछताछ, CP बोले- रुकावट न डालें
Kanpur News: कानपुर के सेन पश्चिम पारा स्थित भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश सचिव रमेश यादव के फार्म हाउस में हुई हाई-प्रोफाइल लूट के खुलासे में नया पेंच फंस गया है। भाजपा नेता ने अपने कर्मचारियों व संदिग्ध ग्रामीणों को थाने भेजने और उनके बयान दर्ज कराने से साफ इनकार कर दिया है।
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कानपुर में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश सचिव रमेश यादव के साथ बंधक बनाकर हुई लूट के खुलासे में जबरदस्त पेच फंस रहा है। रमेश यादव ने अपने कर्मियों, जिन्हें पुलिस संदिग्ध मान रही है के बयान कराने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में पुलिस का कहना है कि यदि जांच में सहयोग नहीं मिला, तो घटना को ही संदिग्ध मानकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
बुधवार को पुलिस अधिकारियों ने बहुत प्रयास किए पर पांच में से एक भी संदिग्ध के बयान न लिए जा सके। अब गुरुवार को रमेश के सामने ही उनके कर्मियों से पूछताछ की जाएगी। बता दें कि सोमवार देर रात रमेश को उनके न्यूरी स्थित फॉर्म हाउस में दो नकाबपोश बदमाशों ने बंधक बनाकर लूटपाट की। 34 लाख का माल लेकर भाग निकले थे।
सारी तैयारी धरी की धरी ही रह गई
करोड़ों की कीमत वाले फॉर्म हाउस में सुरक्षा के इंतजाम भी कम नहीं थे। इसके बाद बदमाश कहां से आए और कहां से गए किसी को कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने आठ से 10 संदिग्धों से पूछताछ करने की तैयारी कर रखी थी, जिसमें रमेश के भठ्ठे में और फार्म हाउस में काम करने वालों के अलावा गांव के भी कुछ लोग शामिल थे। पुलिस के मुताबिक रमेश के अड़ जाने से बुधवार की सारी तैयारी धरी की धरी ही रह गई।
एक भी संदिग्ध से पूछताछ नहीं हो सकी
पूरे दिन पुलिस के आलाधिकारी रमेश यादव के दरवाजे पर खड़े रहे, लेकिन एक भी संदिग्ध से पूछताछ नहीं हो सकी। इस कारण पुलिस की जांच जहां की तहां ही रुकी रही। डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि देर शाम रमेश यादव इस बात राजी हुए हैं कि किसी भी कर्मचारी अथवा ग्रामीण से थाने में नहीं बल्कि उनके सामने फार्म हाउस में ही पूछताछ की जाएगी। फिलहाल, पुलिस इस पर तैयार हो गई है और आज संदिग्धों से पूछताछ की जाएगी।
केयर टेकर प्रधान बने वादी, तहरीर में भी पेंच
ऐसा कम होता है जब लूट किसी के साथ हो और वादी कोई और बने, लेकिन रमेश के मामले में कुछ ऐसा ही हुआ है। पुलिस के मुताबिक लूट की प्राथमिकी के वादी न्यूरी गांव के प्रधान राम नरेश यादव हैं। राम नरेश ने तहरीर में कहा है कि जब वह सूचना पर फार्म हाउस पहुंचे, तब रमेश के दोनों हाथ गमछे से बंधे थे। मुंह में रुमाल व टेप लगा था। वहीं, पुलिस कमिश्नर की पूछताछ में रमेश ने बताया था कि उनके हाथ और मुंह पर टेप लगा था। सवाल उठता है कि यदि मुंह में रुमाल के बाद टेप लगा था, तो रमेश ने राम नरेश को फोन कैसे किया। पुलिस अभी यह भी नहीं समझ पा रही है कि आखिर रमेश की जगह रामनरेश क्यों वादी बने।
एक ही कैमरा खराब और वहीं से घुसे बदमाश
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आ रहा है कि जिस एसी की जाली और बाउंड्री के सहारे बदमाश रमेश के फार्म हाउस में दाखिल हुए हैं वहां लगा एकमात्र कैमरा खराब है। इससे आशंका है कि बदमाश फार्म हाउस के चप्पे-चप्पे से वाकिफ थे। उन्हें पता था कि कौन सा कैमरा खराब है और वहीं से उन्हें दाखिल होना है। इसके अलावा रमेश फार्म हाउस पर कभी 20-25 हजार से ज्यादा रुपये नहीं रखते थे जिस दिन 12 लाख रखे, उसी दिन वारदात का होना भी संदेह पैदा कर रहा है। पुलिस का अभी भी कहना है कि वारदात में किसी न किसी करीबी के ही शामिल होने की आशंका है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी लिया अपडेट
मामला सत्ता से जुड़ा होने के कारण घटना का अपडेट लखनऊ से भी लिया जा रहा है। सूत्राें के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीजीपी से और डीजीपी कार्यालय ने पुलिस कमिश्नर से बुधवार को घटना का अपडेट लिया। बताया जा रहा है कि सीपी रघुबीर लाल ने डीजीपी कार्यालय को बताया कि घटना तो हुई है और उसका खुलासा करने के लिए टीमें लगी हैं।
सीपी: पुलिस के काम में रुकावट डालना ठीक नहीं
जांच और पूछताछ करना पुलिस की प्रक्रिया है। इसमें किसी को बाधा पैदा नहीं करनी चाहिए। पुलिस के लिए जो भी घटना में संदिग्ध नजर आएगा उससे पूछताछ की जाएगी। बिना पूछताछ घटना का सही खुलासा करना आसान नहीं होगा। पूछताछ के बाद ही साक्ष्य एकत्र किए जा सकेंगे। इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
रमेश: पहले साक्ष्य लाए पुुलिस, फिर भेजूंगा थाने
मामले में भाजपा नेता रमेश यादव का कहना है कि वह किसी को बचा नहीं रहे हैं। कहा पुलिस एक साक्ष्य लेकर आए जिसमें उनका कोई करीबी दोषी दिखता है तो फिर वह सभी कर्मियों को पुलिस जहां बुलाएगी वहां पूछताछ के लिए भेज देंगे। ऐसे हर किसी को परेशान करना उचित नहीं है।