Kanpur: भूमाफिया नेगी भाइयों के खिलाफ डकैती-वसूली की रिपोर्ट, पीड़ित बोला- हर माह 50 हजार की रंगदारी मांगी
Kanpur Operation Mahakal News: रावतपुर पुलिस ने ऑपरेशन महाकाल के अंतर्गत सोमवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत होटल संचालक नेगी भाइयों के खिलाफ डकैती और जबरन वसूली की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें केशवपुरम स्थित नेगी इनक्लेव में जगह लेने के बावजूद कब्जा न देने का आरोप लगाया गया है।
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कानपुर में रावतपुर पुलिस ने सोमवार देर शाम ऑपरेशन महाकाल के अंतर्गत होटल संचालक नेगी भाइयों के खिलाफ डकैती, जबरन वसूली, धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। यह कार्रवाई रावतपुर के राणा प्रतापनगर निवासी योगेश कुमार सिंह की तहरीर पर हुई है। पुलिस ने एफआईआर कर मामले की जांच शुरू कर दी है। योगेश कुमार की ओर से रिपोर्ट लिखाई गई है।
इसके मुताबिक उन्होंने कैलाश विहार निवासी गजेंद्र सिंह नेगी, उसके भाई सुमित सिंह नेगी और वासुदेव नेगी से 25 मई 2018 को नेगी इनक्लेव के भूतल में कार्यालय के लिए जगह खरीदी थी। उन्होंने कुर्सी, मेज, फ्रिज, टीवी, सोफा आदि सामान रखवा दिया। 18 जुलाई 2018 को उन्हें किसी कार्य से बाहर जाना पड़ा। योगेश कुमार ने आरोप लगाया कि वह वापस आकर नेगी इनक्लेव स्थित अपने व्यावसायिक कार्यालय गए।
जान से मारने की धमकी भी दी
वहां गजेंद्र सिंह नेगी और उनके भाइयों ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया। उनके मुताबिक जब उन्होंने सामान ले जाने का आग्रह किया, तो आरोपियों ने कहा कि अंदर कोई सामान नहीं है। शटर उठाकर देखा गया, तो उसके पीछे दीवार खड़ी थी। आरोपियों ने उनका सामान भी लूट लिया। उनके विरोध करने पर आरोपियों ने अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी।
हर माह 50 हजार की रंगदारी मांगी
आरोप है कि गजेंद्र सिंह ने कमर से रिवाल्वर निकालकर उन्हें डराने का प्रयास किया। व्यवसायी के मुताबिक, गजेंद्र सिंह ने उनसे हर महीने 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी है। उसका कहना था कि इतने रुपये दोगे तभी कार्यालय में बैठ पाओगे।
गजेंद्र सिंह नेगी, सुमित सिंह नेगी, वासुदेव नेगी और अन्य साथियों के खिलाफ डकैती, जबरन वसूली, धमकाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है। यह कार्रवाई ऑपरेशन महाकाल के अंतर्गत आई शिकायतों से हुई है। शिकायतों की जांच में पता चला है कि नेगी इनक्लेव के 16 फ्लैट दो से तीन बार बेचे गए हैं। इन फ्लैटों को अंदर से तोड़कर होटल जैसा बना दिया गया है। यह कमरे अंदर से किराये के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। -दिनेश कुमार त्रिपाठी, डीसीपी पश्चिम
गजेंद्र सिंह कार्रवाई से बचने के लिए खुद को वकील बताता था। जांच कराई गई है जिसमें यूपी बार काउंसिल में उसका पंजीयन नहीं मिला है। तत्कालीन एसएसपी ने भूमाफिया की कार्रवाई की थी लेकिन गजेंद्र हाईकोर्ट चला गया था। वहां भी राहत नहीं मिली थी। फिलहाल उसके खिलाफ 14 शिकायतें मिली हैैं, जिनकी जांच की जा रही है। -कपिल देव, एडीसीपी पश्चिम