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Kanpur: अहंकार का त्याग और भाईचारे की मिठास, ईद-उल-अजहा पर मांगी अमन-चैन की दुआ, पुलिस प्रशासन रहा सतर्क
Thu, 28 May 2026 11:14 AM IST
Himanshu Awasthi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Thu, 28 May 2026 11:14 AM IST
सार
Kanpur News: सरसौल में बकरीद का त्यौहार शांति और भाईचारे के साथ मनाया गया। नमाज के बाद लोगों ने देश की तरक्की और अमन-चैन के लिए की दुआ।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में महाराजपुर के सरसौल क्षेत्र में गुरुवार को मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-अजहा का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया। सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में चहल-पहल रही, जहां सामूहिक नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी और अमन-चैन की दुआ मांगी।
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परंपरागत तरीके से कुर्बानी की रस्म भी अदा की गई। बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला और घर-घर में सेवइयों व मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ। युवाओं और बुजुर्गों ने भी इस पर्व में सक्रिय भागीदारी निभाई। सरसौल के मुफ्ती फारूक ने बताया कि ईद-उल-अजहा त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देता है।
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भाईचारे के लिए विशेष दुआएं
उन्होंने कहा कि यह पर्व पैगंबर हजरत इब्राहिम की अल्लाह के आदेश पर दी गई कुर्बानी की याद में मनाया जाता है और यह केवल जानवरों की कुर्बानी नहीं बल्कि अहंकार, लोभ और नफरत जैसी बुराइयों का त्याग करने का प्रतीक है। नमाज के दौरान देश में सुख-शांति, तरक्की और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं की गईं। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा।