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कानपुर: एचडीएफसी का रीजनल मैनेजर फर्जीवाड़े में गिरफ्तार, 4.24 लाख के लोन लेने का है मामला
Sun, 26 Sep 2021 11:49 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 26 Sep 2021 11:49 PM IST
सार
करीब दस वर्ष पुराने मामले में ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की है। तब आरोपी कानपुर की गोविंद नगर एचडीएफसी शाखा में बैंक मैनेजर था। केस में यह पहली गिरफ्तारी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कानपुर यूनिट ने रविवार को एचडीएफसी बैंक लखनऊ के रीजनल मैनेजर को गिरफ्तार किया है। बैंक मैनेजर पर फर्जी दस्तावेजों पर खाता खोलकर लोन की रकम भुगतान करने का आरोप है।
करीब दस वर्ष पुराने मामले में ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की है। तब आरोपी कानपुर की गोविंद नगर एचडीएफसी शाखा में बैंक मैनेजर था। केस में यह पहली गिरफ्तारी है। ईओडब्ल्यू एसपी बाबूराम ने बताया कि सचिन वोहरा नाम के शख्स ने 2011 में बैंक ऑफ बड़ौदा अनवरगंज शाखा से 4 लाख 24 हजार रुपये का कार लोन पास कराया।
उसके बाद गोविंद नगर एचडीएफसी शाखा में एक खाता खुलवाया। पूरी रकम की चेक यहां से कैश करवा ली। फिर नकदी निकाल ली। कुछ दिन बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर बदले तो ये फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। पता चला कि सचिन वोहरा ने कोई कार खरीदी ही नहीं। जिस कंपनी से कार खरीदने का दावा किया गया था उस नाम की कोई कंपनी शहर में है ही नहीं।
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करीब दस वर्ष पुराने मामले में ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की है। तब आरोपी कानपुर की गोविंद नगर एचडीएफसी शाखा में बैंक मैनेजर था। केस में यह पहली गिरफ्तारी है। ईओडब्ल्यू एसपी बाबूराम ने बताया कि सचिन वोहरा नाम के शख्स ने 2011 में बैंक ऑफ बड़ौदा अनवरगंज शाखा से 4 लाख 24 हजार रुपये का कार लोन पास कराया।
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उसके बाद गोविंद नगर एचडीएफसी शाखा में एक खाता खुलवाया। पूरी रकम की चेक यहां से कैश करवा ली। फिर नकदी निकाल ली। कुछ दिन बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर बदले तो ये फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। पता चला कि सचिन वोहरा ने कोई कार खरीदी ही नहीं। जिस कंपनी से कार खरीदने का दावा किया गया था उस नाम की कोई कंपनी शहर में है ही नहीं।
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तब बैंक मैनेजर ने अनवरगंज थाने में तत्कालीन बीओबी के बैंक मैनेजर, सचिन वोहरा, गारंटर और एचडीएफसी गोविंद नगर शाखा के बैंक मैनेजर वैभव श्रीवास्तव पर एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हुई थी।
एसपी ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ कि वैभव श्रीवास्तव ने सचिन वोहरा के फर्जी दस्तावेजों पर उसका खाता खोल दिया था। बिना सत्यापन किए लोन की रकम खाते में ट्रांसफर कर दी। इसलिए वैभव को दोषी बनाया था। रविवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने वैभव को लखनऊ से गिरफ्तार किया। वैभव लखनऊ के गोमती नगर विकास खंड का रहने वाला है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
एसपी ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ कि वैभव श्रीवास्तव ने सचिन वोहरा के फर्जी दस्तावेजों पर उसका खाता खोल दिया था। बिना सत्यापन किए लोन की रकम खाते में ट्रांसफर कर दी। इसलिए वैभव को दोषी बनाया था। रविवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने वैभव को लखनऊ से गिरफ्तार किया। वैभव लखनऊ के गोमती नगर विकास खंड का रहने वाला है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।