Rave Party Raid: पुलिस ने ग्राहक बन कराई 'ऑनलाइन बुकिंग', कोड वर्ड से परोसी जा रही थी ड्रग्स, LSD-कोकीन बरामद
Kanpur News: एनआरआई सिटी में पुलिस ने ग्राहक बनकर रेव पार्टी पर छापा मारा था। इसमें राजस्थान से मंगवाए गए महंगे ड्रग्स बरामद कर आयोजकों को दबोचा गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में एनआरआई सिटी की रेव पार्टी में शामिल होने के लिए पुलिस कर्मी और एक मुखबिर ने ग्राहक बनकर ऑनलाइन बुकिंग कराई। पहले अंदर का माहौल देखा फिर मौका देख पुलिस टीम को छापे का इशारा किया गया। नवाबगंज थाना, एसओजी के साथ 70 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने एक साथ घेराबंदी की। पुलिस को देख युवक-युवतियां में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने व्हाइट पाउडर फेंकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। हालांकि, सिर्फ मेहमान बनकर आए युवक और युवतियों को बाद में जाने दिया गया।
एडीसीपी एसओजी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि कानपुर में इस तरह की पार्टी पूर्व में होने की जानकारी हुई थी। इंस्टाग्राम पर एनआरआई सिटी में पार्टी होने की सूचना आई। एंट्री के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था थी। एक पुलिसकर्मी और मुखबिर बुकिंग कराकर अंदर गए। अंदर से इशारा मिलते ही पुलिस टीम ने रेड की। युवकों ने भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें बैठाया गया। कुछ लोग नशे में थे उनको किनारे किया गया।
बज रही थी गांजे के नशे वाली स्पेशल बीट्स
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि विदेशों में होने वाली नशे की पार्टियों वाली धुन यहां बजाई जा रही थी। यह स्पेशल तरह की बीट्स होती हैं, जिनका उपयोग नशे के कारोबार से जुड़े लोग ऐसी पार्टियों में करते हैं। रेव पार्टी में रंग बिरंगी लाइटों के साथ फॉग व धुआं उड़ाने वाली मशीनें भी लगाई गई थीं।
राजस्थान के पुष्कर से मंगवाए नशीले पदार्थ
एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि गुमटी नंबर पांच निवासी मोहित जायसवाल नशीले पदार्थों को राजस्थान के पुष्कर जिले से लेकर आया था। पुलिस की टीमें वहां के सप्लायर की तलाश में लगी हैं। एक ग्राम एलएसडी की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपये होती है जबकि एक किलो चरस की अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये से ज्यादा है। एक ग्राम कोकीन ढाई से तीन हजार रुपये का रहता है।
बुक कराई गई थी स्पेशल टेबल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पार्टी में कुछ टेबलों को बुक कराया गया था। इसके रेट अधिक थे। यह विशेष लोगों के लिए बुक थी। इसकी जानकारी अब तक नहीं मिली है। पार्टी में शराब परोसने और नशीले पदार्थों को देने वाले सहयोगियों को कुछ कोड वर्ड भी दिए गए थे। इनकी जानकारी पुलिस को मिली है। उस पर कार्य किया जा रहा है।
ये था पूरा मामला
एनआरआई सिटी के नाइट क्लब में शुक्रवार रात आयोजित रेव पार्टी में कोकीन, चरस, एलएसडी (लाइसर्जिक एसिड डाईथाइलामाइड) और हसीस की दावत उड़ाई गई। एसओजी और नवाबगंज पुलिस ने छापा मार पार्टी आर्गेनाइजर और नशीले पदार्थों के सप्लायर को गिरफ्तार किया। पार्टी में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के अलावा प्रदेश के अलग-अलग शहरों के युवक-युवतियां नशे में झूमते मिले। पूछताछ में आईआईटी, सीएसजेएमयू और अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं भी पार्टी में शामिल मिले।
पार्टी में 144 युवक और युवतियां शामिल हुए
पुलिस ने युवक-युवतियों को फटकार लगा घर भेजा। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि एनआरआई सिटी के स्टैला नाओमी नाइट क्लब में रेव पार्टी का आयोजन किया गया। युवाओं को इंस्टाग्राम के माध्यम से आमंत्रण भेजा गया। एंट्री फीस 1000 रुपये थी। पार्टी में 144 युवक और युवतियां शामिल हुए। पुलिस को रेव पार्टी में मादक पदार्थों के इस्तेमाल किए जाने की सूचना मिली।
ये सामान हुआ बरामद
एडीसीपी एसओजी सुमित सुधाकर रामटेके और नवाबगंज इंस्पेक्टर राजकेसर टीम के साथ देर रात करीब 2:30 बजे पार्टी में पहुंचे। पुलिस फोर्स को देख वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने आर्गेनाइजर जाजमऊ निवासी फरदीन और ड्रग सप्लायर गुमटी नंबर पांच निवासी मोहित जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 0.15 ग्राम एलएसडी, 23.47 ग्राम गांजा, 5.49 ग्राम चरस, 0.60 ग्राम हसीस, 1.19 ग्राम कोकीन, पांच क्रशर, एक पैकेट स्मोकिंग फिल्टर, चार पैकेट स्मोकिंग पेपर, दो मोबाइल और 49 हजार रुपये कैश बरामद किया।
छात्र-छात्राओं के संस्थान को दी गई सूचना
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि पार्टी में आईआईटी, सीएसजेएमयू और अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। कुछ छात्रों ने नशा भी किया था। उनके संस्थान को सूचना दी गई है। बता दें पूर्व में आईआईटी और सीएसजेएमयू में पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ कार्यशाला का आयोजन किया जा चुका है।
नशे में झूमने के लिए लगाए खास स्क्रीन सेवर
एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि पार्टी में नशे के बाद लोगों को असर दिखाने और उन्हें झूमने पर मजबूर करने के लिए पार्टी में प्रोजेक्टर लगाए गए। बड़ी स्क्रीन पर खास तरह के स्क्रीन सेवर लगे मिले। इन्हें देखकर व्यक्ति झूमने पर मजबूर हो जाए। एडीसीपी के अनुसार यह एक तरह के दृष्टिभ्रम जैसा होता है। इसे ज्यादा देर तक देखते रहने से लोगों को नशे में होने जैसा ही महसूस होता है।