फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Rabies contracted despite vaccination elderly man suffering from hydrophobia slit his throat with banka

कानपुर: ‘वैक्सीन के बाद भी फैला रैबीज’, हाइड्रोफोबिया से परेशान थे बुजुर्ग, बांके से रेत लिया गला, पढ़ें मामला

Wed, 30 Sep 2026 09:30 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 30 Sep 2026 09:30 AM IST
सार

Kanpur News: बिधनू थाना क्षेत्र स्थित धीरपुर गांव में रेबीज संक्रमण के खौफनाक लक्षण और बिगड़ती मानसिक स्थिति के चलते रामआसरे (57) ने धारदार बांके से गला रेतकर आत्महत्या कर ली। 14 सितंबर को एक पागल कुत्ते के चेहरे पर काटने के बाद परिजनों ने उन्हें वैक्सीन भी लगवाई थी, लेकिन संक्रमण फैलने से उनकी हालत बिगड़ती चली गई।

विज्ञापन
Kanpur Rabies contracted despite vaccination elderly man suffering from hydrophobia slit his throat with banka
मृतक की फाइल फोटो और अस्पताल में मौजदू परिजन - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में बिधनू थाना क्षेत्र के धीरपुर गांव में 14 सितंबर को पागल कुत्ते के चेहरे पर काटने के बाद मानसिक हालत बिगड़ने से परेशान रामआसरे (57) ने मंगलवार सुबह खुद का गला बांके से रेतकर खुदकुशी कर ली। परिजन के अनुसार वैक्सीन लगवाने के बाद भी इसका असर नहीं हुआ। दिन पर दिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई। वह पानी देखकर डरने लगे थे।

विज्ञापन

घर से कुछ दूर खेत के पास स्थित मां काली के स्थान पर खुद की बलि देने की बात ग्रामीणों से बार-बार कर रहे थे। सुबह ग्रामीणों ने उसी स्थान के पास खून से लथपथ शव पड़ा पाया। धीरपुर गांव निवासी शैलेश कुमार ने बताया कि रामआसरे उनके मामा थे और साथ में ही रहते थे। वह गांव में ट्यूबवेल के पास झोपड़ी बनाकर अक्सर वहां रुकते और खेती में हाथ बंटाते थे।

विज्ञापन

काली मां के स्थान पर बलि देने की बात करते थे
शैलेश के मुताबिक पागल कुत्ते के काटने के बाद उन्हें सीएचसी में वैक्सीन लगवाई थी। करीब तीन दिन पहले हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां से हैलट रेफर किया गया। शैलेश के अनुसार हैलट से लौटने के बाद मामा बार-बार काली मां के स्थान पर बलि देने की बात करते थे। सोमवार दोपहर फिर से हालत बिगड़ने पर हैलट लेकर पहुंचे जहां रात को उन्होंने नई बिल्डिंग की खिड़की से कूदकर जान देने की कोशिश की।

विज्ञापन

मौके से बांका बरामद किया गया
वहां मौजूद डॉक्टरों और स्टॉफ ने किसी तरह उन्हें संभाला। रात में ही परिजन संग गांव लौट गए। भांजे के अनुसार मंगलवार सुबह करीब छह बजे वह घर से बिना बताए निकलकर झोपड़ी पर पहुंच गए। वहां उन्होंने मंदिर के पास बांके से अपना करीब साढ़े तीन इंच गहरा गला रेतकर जान दे दी। सुबह खेतों की तरफ जा रहे ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी, तो पुलिस को सूचना दी गई। बिधनू थाना प्रभारी तेजबहादुर सिंह ने बताया कि पागल कुत्ते के काटने से रामआसरे की हालत बिगड़ गई थी। प्रारंभिक जांच में धारदार हथियार से आत्महत्या की पुष्टि हुई है। मौके से बांका बरामद किया गया है।

विज्ञापन

14 लोगों को काटा था, अब गांव में दहशत का माहौल
भांजे शैलेश ने बताया कि पागल कुत्ते ने गांव के इकघरा निवासी सरवन, धीरपुर गांव के संत सिंह, बबलू के बेटे, शीशपाल, रामआसरे, मुंशीलाल, अर्जुन, विमलेश, छोटू, कैलाश, पवन, अयोध्याप्रसाद समेत करीब 12-14 लोगों को काटा था। इस पर ग्रामीणों ने घटना के तीन दिन बाद कुत्ते को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला था। रामआसरे के साथ हुई घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed