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Kanpur: त्योहार से पहले नहीं सुधरी पिंक शौचालयों की दशा, अधिकतर बाजारों में स्थिति बदतर, कहीं गंदगी…कहीं कब्जा
Sun, 21 Sep 2025 10:22 AM IST
हिमांशु अवस्थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: हिमांशु अवस्थी
Updated Sun, 21 Sep 2025 10:22 AM IST
सार
Kanpur News: नवरात्र के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में शौचालयों की सुविधा न होने से महिला भक्तों को काफी परेशानी होती है। अमर उजाला की लाइव पड़ताल में शहर के प्रमुख बाजारों व मंदिरों के आसपास शौचालयों की स्थिति खराब मिली।
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पिंक शौचालय में पड़ा हुआ है ताला
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सोमवार से नवरात्र लग रहे हैं, लेकिन कानपुर के प्रमुख मंदिरों के पास महिला शौचालयों की स्थिति ऐसी है कि जाना तो दूर देखने का भी मन न करे। मंदिर के आसपास हजारों की संख्या में महिलाएं खरीदारी करने आती हैं। त्योहारों पर यह संख्या चार गुना हो जाती है। तपेश्वरी देवी मंदिर के पास शौचालय इस्तेमाल लायक न होने के कारण महिलाओं को डेढ़ किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
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नानाराव पार्क, मोतीझील, नवीन मार्केट, 40 दुकान आदि के आसपास बने कई पिंक शौचालयों की हालत भी काफी खराब है। जो ठीक हालत में हैं उनमें महिलाओं के साथ पुरुष भी जाते हैं। इस कारण काफी महिलाएं यहां जाने में परहेज करती हैं। नवरात्र के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में शौचालयों की सुविधा न होने से महिला भक्तों को काफी परेशानी होती है। अमर उजाला की लाइव पड़ताल में शहर के प्रमुख बाजारों व मंदिरों के आसपास शौचालयों की स्थिति खराब मिली।
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नानाराव पार्क में बना पिंक शौचालय
- फोटो : amar ujala
शौचालय लाइव
- तपेश्वरी देवी मंदिर के पास बने शौचालय में न तो पानी की व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई है। महिलाएं अंदर जाती ही नहीं है। नवरात्र में हजारों की संख्या में महिला भक्त मंदिर आती हैं।
- नवीन मार्केट में महिलाओं के लिए बने 11 शौचालयों में से आठ के बाहर दुकानदारों का कब्जा है। महज तीन खुले हैं। सबसे ज्यादा महिलाएं इसी बाजार में खरीदारी करती हैं लेकिन कब्जे के चलते अधिकतर के बाहर दुकानें लगी हैं और पीछे शौचालय बना हुआ है। ये तक नजर नहीं आता है।
- सीसामऊ बाजार में बने सामुदायिक शौचालय में हमेशा गंदगी रहती है। दुकानों के बीच में बना यह शौचालय नजर भी नहीं आता है। वहीं, लेनिन पार्क के पास बने पिंक शौचालय की दूरी ज्यादा है।
- किदवई नगर स्थित 40 दुकान के बाहर बने सामुदायिक शौचालय पर दुकानदारों का कब्जा है। यहां महिला-पुरुष दोनों जाते हैं। इसके चलते महिलाएं इसका प्रयोग करने में असहज महसूस करती हैं।
- मोतीझील के पास बने पिंक शौचालय में महिलाओं की जगह पुरुष जाते हैं। इसके चलते महिलाएं उसका प्रयोग ही नहीं करती हैं।
- नानाराव पार्क में बने पिंक शौचालय में पैर रखने का मन नहीं करता है। अंदर टाइल्स गंदे हैं। हमेशा खुला होने के कारण कुत्तों ने भी काफी गंदगी कर रखी है। गंदगी देखकर लगा कि महीनों से सफाई नहीं हुई है।
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जानकारी देती गुड़िया और रोशनी
- फोटो : amar ujala
- यहां पर फूल और बताशे की दुकान लगाते हैं। जब शौचालय जाने की आवश्यकता होती है तो डेढ़ किलोमीटर दूर पटकापुर में बने सामुदायिक शौचालय जाते हैं। महिला भक्तों को बहुत परेशानी होती है। -गुड़िया, तपेश्वरी देवी मंदिर
- मंदिर के पास का शौचालय जर्जर हालत में है। नवरात्र आते ही लीपापोती कर दी जाती है लेकिन इस बार तो कुछ नहीं हुआ। दूरदराज से आने वाले भक्तों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। -रोशनी, भक्त
- नवीन मार्केट में दुकानों के बीच शौचालय नजर ही नहीं आता है। जरूरत महसूस होने पर जल्द से जल्द घर पहुंचने की कोशिश करते हैं। -अंजलि