कानपुर: गुजैनी में अवैध पान मसाला फैक्ट्री का भंडाफोड़, जीएसटी की छापेमारी में करोड़ों की टैक्स चोरी का अनुमान
Kanpur News: राज्य कर विभाग ने शुक्रवार शाम गुजैनी क्षेत्र में बिना जीएसटी पंजीकरण चल रही अवैध पान मसाला और तंबाकू निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। विभाग की विशेष टीम ने छापेमारी कर मौके से तीन वर्टिकल सिंगल लाइन मशीन, पैकेट सीलिंग मशीन, बड़ी मात्रा में पान मसाला, तंबाकू, सुपाड़ी और पैकिंग सामग्री बरामद की।
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छापेमारी के दौरान मौके पर राजश्री, केसर समेत कई ब्रांडों की पैकिंग भी मिली। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की कर चोरी का अनुमान लगाया गया है। मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। विभाग को गोपनीय सूचना मिली थी कि गुजैनी क्षेत्र में बिना जीएसटी पंजीकरण के पान मसाला और तंबाकू का निर्माण किया जा रहा है।
सूचना के आधार पर अपर आयुक्त ग्रेड-1 सान्या छाबड़ा ने विशेष टीम गठित की। विशेष अनुसंधान इकाई के उपायुक्त अभिषेक चतुर्वेदी, सुषमा सिंह और संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में करीब 10 अधिकारियों की टीम शुक्रवार शाम मौके पर पहुंची।
तीन मशीनें और बड़ी मात्रा में तंबाकू बरामद
टीम ने छापेमारी के दौरान कमरे में तीन वर्टिकल सिंगल लाइन मशीन और एक पैकेट सीलिंग मशीन पकड़ी। मौके से 1,358 पैकेट सिल्वर सेंटेड तंबाकू बरामद किया गया। इसके अलावा केसर सिल्वर पान मसाला, 32 पैकेट झालमुड़ी, 50 पैकेट पान मसाला और 53 पैकेट राजश्री पान मसाला भी मिला।
अधिकारियों ने डी-7 तंबाकू और जेएम तंबाकू के 50 पैकेट भी बरामद किए। इसके साथ ही सुपाड़ी, तंबाकू और पैकिंग रोल का बड़ा स्टॉक मिला। मौके पर विभिन्न ब्रांडों के नाम और पैकिंग सामग्री मिलने से अधिकारियों ने निर्माण और पैकिंग से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
बिना किरायानामे के दिया गया था कमरा
अधिकारियों के मुताबिक यह अवैध कारोबार संजय कुमार के परिसर में चल रहा था। संजय कुमार ने परिसर अजय कुमार और अर्जुन कुमार को किराए पर दिया था। खास बात यह रही कि इसके लिए कोई किरायानामा नहीं बनाया गया था।कार्रवाई के दौरान मामले में केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों को भी सूचना दी गई।
इसके बाद सीजीएसटी और राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संचालकों से पूछताछ की। बाद में सीजीएसटी अधिकारियों ने अजय कुमार और अर्जुन कुमार को हिरासत में ले लिया। अपर आयुक्त एवं अपर आयुक्त ग्रेड-2 (विशेष अनुसंधान शाखा) कुमार आनंद ने बताया कि राज्य कर विभाग की ओर से अवैध रूप से संचालित इकाइयों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
करीब एक साल से चल रहा था कारोबार
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री करीब एक साल से संचालित की जा रही थी। यहां महंगे ब्रांड के नाम से पान मसाला तैयार कर बाजार में बेचने की आशंका है। पैकिंग भी ब्रांडेड उत्पादों से मिलती-जुलती तैयार की गई थी।
बताया गया कि शहर और आसपास के जिलों में इन उत्पादों की बिक्री की जा रही थी। अब अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि तैयार पान मसाला और तंबाकू किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया जाता था। इसके लिए सप्लायरों और बिक्री नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
करोड़ों की कर चोरी का अनुमान
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने करोड़ों रुपये की कर चोरी का अनुमान लगाया है। हालांकि वास्तविक कर चोरी कितनी है, यह पूरे स्टॉक, बिक्री और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। अधिकारी अब फैक्ट्री से जुड़े पूरे नेटवर्क और कारोबार का ब्योरा खंगाल रहे हैं।