Kanpur: धान का रकबा 29 फीसदी बढ़ा… 65% खप गई यूरिया, अफसर बोले- किसान दो बार डाल रहे हैं खाद, जांच के आदेश
Kanpur News: कानपुर में पिछले चार महीनों में यूरिया की खपत में 65% की भारी वृद्धि हुई है, जिससे शासन चिंतित है। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी को देखते हुए, प्रशासन ने यूरिया की जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
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कानपुर में प्राकृतिक खेती पर जोर के बीच अचानक यूरिया की खपत वृद्धि ने शासन की चिंता बढ़ा दी है। बीते चार माह में 17,178 मीट्रिक टन यूरिया खाद की खपत के साथ जिला प्रदेश में 32वें स्थान पर पहुंच गया है। जिले में धान की खेती का रकबा तो 29 फीसदी ही बढ़ा, लेकिन बीते वर्ष से 65 फीसदी ज्यादा यूरिया की खपत हो गई। ये आंकड़ा तो रोपाई के समय का है अभी निराई बाकी है। उसके बाद यूरिया की खपत के आंकड़े दोगुने हो जाएंगे। बीते वर्ष 10,403 मीट्रिक टन खाद बिकी थी।
मंडल में यूरिया की सर्वाधिक खपत करने में पहले स्थान पर कन्नौज, दूसरे स्थान पर कानपुर देहात, तीसरे पर फर्रुखाबाद और चौथे नंबर पर कानपुर है। एकाएक भारी मात्रा में यूरिया की खपत पर इसकी जमाखोरी की आशंका को देखते हुए शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। हर वर्ष धान के रकबे की अपेक्षा यूरिया खाद की खपत निरंतर बढ़ रही है। वर्ष 2024 में जिले में धान के 32,169 हेक्टेयर रकबे के लक्ष्य के सापेक्ष 32,173 हेक्टेयर में फसल की पैदावार हुई।
6,775 मीट्रिक टन ज्यादा यूरिया खेतों में डाली
अप्रैल से जुलाई तक 10,403 मीट्रिक टन खाद की बिक्री हुई थी। वर्ष 2025 में शासन की ओर से धान का रकबे का लक्ष्य बढ़ाकर 47,188 हेक्टेयर कर दिया था। उस समय 45,297 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की गई थी। इस बार बीते वर्ष के मुकाबले रकबा 13,124 हेक्टेयर बढ़ा और धान की खपत 17,178 मीट्रिक टन हो गई। इस वर्ष धान का रकबा तो बढ़ा है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में 6,775 मीट्रिक टन ज्यादा यूरिया किसानों ने खेतों में डाल दी।
दुकानदारों की जांच में जुटा विभाग
अभी किसानों ने पहली बार यूरिया खेतों में डाली है, एक माह बाद दोबारा खाद डालने पर आंकड़ा दोगुना हो जाएगा। ये आंकड़े खाद की कालाबाजारी की तरफ भी इशारा करते हैं। कृषि विभाग के अधिकारी धान का मौसम अनुकूल रहने को रकबा बढ़ने का प्रमुख कारण बता रहे हैं। इसके अलावा किसानों द्वारा जरूरत से अधिक खाद खरीदना भी एक वजह है। अब कृषि विभाग अधिक यूरिया खाद खरीदने किसान व बिक्री करने वाले दुकानदारों की जांच कर रहा है।
किसान दो बार डाल रहे खाद
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी धान की रोपाई हुई है। निराई के बाद एक बार और यूरिया खेतों में डाली जाएगी। किसान रोपाई और निराई के समय खेतों में खाद का प्रयोग करते हैं।
मंडल में धान की खपत (आंकड़े मीट्रिक टन में)
जिला 2024 2025
कन्नौज 16,720 26,342
कानपुर देहात 7,276 16,202
फर्रुखाबाद 23,465 31,713
कानपुर नगर 10,403 17,178
औरैया 8,652 14,873
इटावा 8,778 14,214
मंडल में धान की खेती का रकबा एक लाख हेक्टेयर से अधिक बढ़ गया है। मानसून भी समय पर आने की वजह से इस बार यूरिया की खपत ज्यादा हुई है। शासन के निर्देश पर ज्यादा खपत की जांच कराई जा रही है। -श्रीनिवास शर्मा, संयुक्त आयुक्त कृषि