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कानपुर: नए मास्टर प्लान में आउटर रिंग रोड शामिल, केडीए अफसरों को 15 अगस्त तक भेजने के निर्देश
Fri, 16 Jul 2021 12:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 16 Jul 2021 12:18 PM IST
सार
शासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान इस पर नाराजगी जताते हुए मास्टर प्लान का नया ड्राफ्ट तैयार करने की डेडलाइन 15 अगस्त तय की है।
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रिंग रोड
- फोटो : गूगल
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विस्तार
कानपुर के नए मास्टर प्लान (महायोजना-2031) में आउटर रिंग रोड को शामिल किया गया है, पर डेडलाइन बीतने के बावजूद मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार नहीं हो पाने पर शासन ने नाराजगी जताई। केडीए अफसरों को 15 अगस्त तक भेजने के निर्देश दिए। शासन स्तर पर परीक्षण और आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसे लागू किया जाएगा।
पुराने मास्टर प्लान में बहुत सी कमियां हो गई थी। इन कमियों को दूर करने और शहरवासियों की आवासीय, व्यावसायिक, सामुदायिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। शासन ने केडीए को नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर मार्च में भेजने के निर्देश दिए थे। केडीए ने एक निजी कंपनी को यह जिम्मा सौंपा, पर ड्राफ्ट अभी तक तैयार नहीं हुआ।
शासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान इस पर नाराजगी जताते हुए मास्टर प्लान का नया ड्राफ्ट तैयार करने की डेडलाइन 15 अगस्त तय की है। केडीए अधिकारियों ने बताया कि शासन ड्राफ्ट का आकलन करेगा। वहां, हरी झंडी मिलने के बाद शहरवासियों से आपत्तियां, सुझाव मांगे जाएंगे। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद नया मास्टर प्लान लागू किया जाएगा।
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पुराने मास्टर प्लान की अधिकारियों ने उड़ाईं धज्जियां
केडीए ने 20 साल पहले मास्टर प्लान (महायोजना 2021) लागू किया था। पर, विकास प्राधिकरण के अफसरों, कर्मियों ने ही इसकी धज्जियां उड़ा दीं। अधिकारियों की मिलीभगत से स्वरूप नगर, आर्य नगर, लाजपत नगर, किदवई नगर, बर्रा आदि व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमों को ताक पर रखकर दुकानें और शोरूम खुल गए। भूमाफिया ने कृषि योग्य जमीनों, ग्राम समाज, ऊसर, चारागाह, तालाबों की जमीनों में अवैध रूप से प्लाटिंग कर मकान बनवा दिए।
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पुराने मास्टर प्लान में बहुत सी कमियां हो गई थी। इन कमियों को दूर करने और शहरवासियों की आवासीय, व्यावसायिक, सामुदायिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। शासन ने केडीए को नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर मार्च में भेजने के निर्देश दिए थे। केडीए ने एक निजी कंपनी को यह जिम्मा सौंपा, पर ड्राफ्ट अभी तक तैयार नहीं हुआ।
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शासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान इस पर नाराजगी जताते हुए मास्टर प्लान का नया ड्राफ्ट तैयार करने की डेडलाइन 15 अगस्त तय की है। केडीए अधिकारियों ने बताया कि शासन ड्राफ्ट का आकलन करेगा। वहां, हरी झंडी मिलने के बाद शहरवासियों से आपत्तियां, सुझाव मांगे जाएंगे। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद नया मास्टर प्लान लागू किया जाएगा।
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पुराने मास्टर प्लान की अधिकारियों ने उड़ाईं धज्जियां
केडीए ने 20 साल पहले मास्टर प्लान (महायोजना 2021) लागू किया था। पर, विकास प्राधिकरण के अफसरों, कर्मियों ने ही इसकी धज्जियां उड़ा दीं। अधिकारियों की मिलीभगत से स्वरूप नगर, आर्य नगर, लाजपत नगर, किदवई नगर, बर्रा आदि व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमों को ताक पर रखकर दुकानें और शोरूम खुल गए। भूमाफिया ने कृषि योग्य जमीनों, ग्राम समाज, ऊसर, चारागाह, तालाबों की जमीनों में अवैध रूप से प्लाटिंग कर मकान बनवा दिए।
केडीए की ही श्याम नगर, सनिगवां, स्वर्ण जयंती विहार, गंगापुर, सतबरी, डब्ल्यू-1 ब्लॉक केशव नगर, नौबस्ता, काकादेव, बर्रा, गुजैनी, कल्याणपुर, पनकी, जाजमऊ आदि मोहल्लों में केडीए के प्लाटों को बेचकर करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे किए। इसके चलते मास्टर प्लान में दर्शाए गए कई आवासीय क्षेत्र अवैध रूप से व्यवसायिक हो गए, कृषियोग्य क्षेत्रों में ओपन एरिया, पार्क सहित अन्य सामुदायिक सुविधाओं को नजरंदाज कर मोहल्ले विकसित कर दिए गए।
93 किलोमीटर के आउटर रिंग रोड के लिए हो रहा है सर्वे
शहर के चारों तरफ 93 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड के निर्माण के लिए एनएचएआई साईं कंसलटेंट से सर्वे करा रहा है। इसे पांच चरणों में बनवाने की योजना है। पहले चरण में जीटी रोड में मंधना रेलवे स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सचेंडी तक चार लेन की सड़क बनाई जाएगी।
इस फेस सहित पूरे आउटर रिंग रोड की परिधि में कहां-कहां ग्राम समाज, चारागार, ऊसर, निजी जमीनों, पेड़ों, जमीन की स्थिति आदि का सर्वे किया जा रहा है। जिसके आधार पर दो-तीन महीने में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी, जिसे भूतल परिवहन मंत्रालय भेजा जाएगा। वहां से धन आवंटित होते ही इस साल के अंत या अगले साल की शुरूआत में शिलान्यास कराने की योजना बनाई गई है।
93 किलोमीटर के आउटर रिंग रोड के लिए हो रहा है सर्वे
शहर के चारों तरफ 93 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड के निर्माण के लिए एनएचएआई साईं कंसलटेंट से सर्वे करा रहा है। इसे पांच चरणों में बनवाने की योजना है। पहले चरण में जीटी रोड में मंधना रेलवे स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सचेंडी तक चार लेन की सड़क बनाई जाएगी।
इस फेस सहित पूरे आउटर रिंग रोड की परिधि में कहां-कहां ग्राम समाज, चारागार, ऊसर, निजी जमीनों, पेड़ों, जमीन की स्थिति आदि का सर्वे किया जा रहा है। जिसके आधार पर दो-तीन महीने में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी, जिसे भूतल परिवहन मंत्रालय भेजा जाएगा। वहां से धन आवंटित होते ही इस साल के अंत या अगले साल की शुरूआत में शिलान्यास कराने की योजना बनाई गई है।