कानपुर: ‘एक हाथ नहीं, दूसरे में सिर्फ तीन उंगलियां’, पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी हिमांशु ने दिखाया दम, पढ़ें कहानी
Kanpur News: लखनऊ के युवा पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी हिमांशु सिंह चौहान ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को मात देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बायां हाथ न होने और दाएं हाथ में केवल तीन उंगलियां होने के बावजूद उन्होंने इंदौर में आयोजित यूटीटी फर्स्ट पैरा नेशनल रैंकिंग चैंपियनशिप के क्लास-छह वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।
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एक हाथ है नहीं, दूसरा हाथ भी अविकसित है। उसमें कोहनी नहीं है, सिर्फ तीन अंगुलियां हैं और इन्हीं के सहारे हिमांशु सिंह चौहान को राष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता में तीसरा स्थान मिला है। युवा पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी हिमांशु सिंह चौहान ने शुक्रवार को डी स्पोर्ट्स हब में खेले गए अंडर 17 के मुकाबले में सभी का दिल जीत लिया। इससे पहले मध्य प्रदेश के इंदौर में 11 से 13 अगस्त तक आयोजित यूटीटी फर्स्ट पैरा नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप में क्लास-6 वर्ग में कांस्य पदक जीता।
खास बात यह रही कि यह हिमांशु का इस वर्ग में पहला राष्ट्रीय मुकाबला था। पदार्पण में ही पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा, जुझारूपन और मेहनत का परिचय दिया। शुक्रवार को आर्यनगर स्थित द स्पोर्ट्स हब में उन्होंने अंडर- 17 वर्ग में मेघालय के खिलाड़ी सुरंजित डे को संघर्षपूर्ण मुकाबले में कड़ी टक्कर दी। हालांकि अंत में उन्हें अंत में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन, इसके बाद भी उन्होंने कहा कि उनका मनोबल बिल्कुल भी नहीं गिरा है और वह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का पूरा संघर्ष करेंगे।
अब राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को दे रहे हैं चुनौती
लखनऊ निवासी हिमांशु की उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उनका बायां हाथ नहीं है, जबकि दायां हाथ भी पूरी तरह विकसित नहीं है। दाएं हाथ में सिर्फ तीन उंगलियां हैं और कोहनी भी नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने इसी हाथ से रैकेट पकड़कर टेबल टेनिस खेलना शुरू किया। लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने रैकेट पर नियंत्रण और शॉट्स में दक्षता हासिल की और अब राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को चुनौती दे रहे हैं। हिमांशु करीब दो वर्षों से पैरा टेबल टेनिस खेल रहे हैं।
लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया
इतने कम समय में राज्य स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर पदक जीतना उनके नियमित अभ्यास और समर्पण को दर्शाता है। वह लखनऊ स्थित चैंपियन टेबल टेनिस अकादमी में सुबह और शाम दो सत्रों में अभ्यास करते हैं। प्रशिक्षण के दौरान वह तकनीक, शॉट चयन, मैच रणनीति और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान देते हैं। उनके खेल को निखारने में कोच पराग अग्रवाल की अहम भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में हिमांशु ने अपनी शारीरिक स्थिति के अनुरूप खेलने की विशेष तकनीक विकसित की और लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया।