Seed Distribution: पहले आओ–पहले पाओ नहीं, अब ई-लॉटरी से मिलेगा बीज, 10 मई तक करना होगा आवेदन, ये है अनिवार्यता
Kanpur News: कानपुर में खरीफ सीजन के लिए 10 हजार क्विंटल बीजों का वितरण अब ई-लॉटरी के जरिए होगा, जिसके लिए 10 मई तक आवेदन करना होगा। नई व्यवस्था के तहत बीज वितरण में पारदर्शिता आएगी और एक बार लाभ लेने वाले किसान को दो साल तक दोबारा उसी फसल का अनुदानित बीज नहीं मिलेगा।
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कानपुर में खरीफ के मौसम में किसानों को अनुदान पर बीज वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। कृषि विभाग ने पहले आओ-पहले पाओ व्यवस्था को समाप्त करते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। किसान बीज पाने के लिए पहले डिजिटल पंजीकरण कराएंगे। यदि बीज की मांग लक्ष्य से अधिक हुई तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी से होगा।
इच्छुक किसानों को 10 मई तक ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। जिले में लगभग 10 लाख किसान खेती करते हैं। इस बार करीब 10 हजार क्विंटल प्रमाणित व संकर प्रजातियों के बीज बांटने का लक्ष्य है। इसमें धान, उड़द, मूंग, अरहर, तिल, ज्वार और बाजरा समेत 20 प्रकार के बीज शामिल हैं। विभाग ने बीजों की पैकेजिंग का आकार भी पहले से तय कर दिया है।
उप निदेशक कृषि दो दिन के भीतर ई-लॉटरी कराएंगे
जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडेय के अनुसार बिना वैध किसान पहचान पत्र के कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा। यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक पंजीकरण होते हैं, तो अंतिम तिथि के बाद उप निदेशक कृषि दो दिन के भीतर ई-लॉटरी कराएंगे। लॉटरी में चयनित किसानों को ही तय मात्रा में अनुदानित बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
दो साल तक दोबारा लाभ नहीं मिलेगा
यह नई व्यवस्था वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इससे मनमानी और भीड़-भाड़ वाली प्रक्रिया पर भी रोक लगेगी। नई व्यवस्था में यह भी प्रावधान है कि जो किसान किसी विशेष फसल के लिए अनुदानित बीज ले चुके हैं उन्हें उसी फसल पर दो साल तक दोबारा लाभ नहीं मिलेगा। इससे नए और अधिक किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले में बीज वितरण का लक्ष्य
बीज मात्रा (क्विंटल में)
तिल 2800
अरहर 2457
अरहर 2163
धान 736
बाजरा 551
ढैंचा 338
उड़द 373
ज्वार 246
मूंग 73