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Seed Distribution: पहले आओ–पहले पाओ नहीं, अब ई-लॉटरी से मिलेगा बीज, 10 मई तक करना होगा आवेदन, ये है अनिवार्यता

Thu, 07 May 2026 04:58 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 07 May 2026 04:58 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर में खरीफ सीजन के लिए 10 हजार क्विंटल बीजों का वितरण अब ई-लॉटरी के जरिए होगा, जिसके लिए 10 मई तक आवेदन करना होगा। नई व्यवस्था के तहत बीज वितरण में पारदर्शिता आएगी और एक बार लाभ लेने वाले किसान को दो साल तक दोबारा उसी फसल का अनुदानित बीज नहीं मिलेगा।

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Kanpur No more  First Come FirstServed seeds will allocated via e lottery applications submitted by May 10
सांकेतिक - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में खरीफ के मौसम में किसानों को अनुदान पर बीज वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। कृषि विभाग ने पहले आओ-पहले पाओ व्यवस्था को समाप्त करते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। किसान बीज पाने के लिए पहले डिजिटल पंजीकरण कराएंगे। यदि बीज की मांग लक्ष्य से अधिक हुई तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी से होगा।

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इच्छुक किसानों को 10 मई तक ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। जिले में लगभग 10 लाख किसान खेती करते हैं। इस बार करीब 10 हजार क्विंटल प्रमाणित व संकर प्रजातियों के बीज बांटने का लक्ष्य है। इसमें धान, उड़द, मूंग, अरहर, तिल, ज्वार और बाजरा समेत 20 प्रकार के बीज शामिल हैं। विभाग ने बीजों की पैकेजिंग का आकार भी पहले से तय कर दिया है।

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उप निदेशक कृषि दो दिन के भीतर ई-लॉटरी कराएंगे
जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडेय के अनुसार बिना वैध किसान पहचान पत्र के कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा। यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक पंजीकरण होते हैं, तो अंतिम तिथि के बाद उप निदेशक कृषि दो दिन के भीतर ई-लॉटरी कराएंगे। लॉटरी में चयनित किसानों को ही तय मात्रा में अनुदानित बीज उपलब्ध कराया जाएगा।

दो साल तक दोबारा लाभ नहीं मिलेगा
यह नई व्यवस्था वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इससे मनमानी और भीड़-भाड़ वाली प्रक्रिया पर भी रोक लगेगी। नई व्यवस्था में यह भी प्रावधान है कि जो किसान किसी विशेष फसल के लिए अनुदानित बीज ले चुके हैं उन्हें उसी फसल पर दो साल तक दोबारा लाभ नहीं मिलेगा। इससे नए और अधिक किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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जिले में बीज वितरण का लक्ष्य

बीज      मात्रा (क्विंटल में)

तिल              2800
अरहर            2457
अरहर            2163
धान               736
बाजरा            551
ढैंचा              338
उड़द              373
ज्वार             246
मूंग               73

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