जानें कौन हैं कानपुर के नए सीपी: विजय मीणा की जगह पुलिस आयुक्त बने बीपी जोगदंड, शहर में बिता चुके हैं समय
कानपुर के नए पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड वर्ष 1991 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वह 14 महीने बाद रिटायर होंगे। 23 अक्तूबर 2009 से 13 फरवरी 2010 तक कानपुर में वह एसएसपी रह चुके हैं।
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कानपुर में 2009 में बतौर डीआईजी/एसएसपी रहे बीपी जोदंगड अब कानपुर के नए पुलिस कमिश्नर होंगे। वह बुधवार को अपना कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। छह महीने 16 दिन तक कानपुर के पुलिस कमिश्नर रहे आईपीएस विजय सिंह मीणा को शासन ने सोमवार को हटा दिया।
बीपी जोगदंड 1991 बैच के आईपीएस हैं। 28 अक्तूबर 1963 को जन्मे भागीरथ पी. जोगदंड मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं। वे अपर पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय उप्र. लखनऊ में तैनात थे। 14 महीने बाद उनका रिटायरमेंट होना है। बीटेक मैकेनिकल, पीजीडीएम, एमबीए तक की शिक्षा उनकी मुंबई व दिल्ली में हुई है। बतौर एसपी, एसएसपी प्रयागराज, अलीगढ़, आगरा, गोरखपुर में वह तैनात रहे।
इससे पहले भी वह कानपुर में 23 अक्तूबर 2009 से 13 फरवरी 2010 तक कानपुर में एसएसपी रह चुके हैं। पड़ोसी जिला कानपुर देहात के भी एसपी रह चुके हैं। उन्हें कानपुर के मिजाज का अच्छा अनुभव है। फोन पर हुई बातचीत में जोगदंड ने कहा कि कानपुर शहर उनके लिए नया नहीं है यहां के अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करना चुनौती रहेगी। बुधवार तक वे चार्ज संभाल सकते हैं।
बर्रा के संजीत हत्याकांड में निभा चुके हैं अहम भूमिका
आईपीएस अफसर बीपी जोगदंड का 14 महीने की बची नौकरी से पहले कानपुर के सीपी बनना उन्हें शासन स्तर से बड़ा इनाम माना जा रहा है। महिला अपराध, धार्मिक, व तीन जून को हुई हिंसा के आरोपियों पर कार्रवाई समेत ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। बीपी जोगदंड ने बर्रा के चर्चित संजीत हत्याकांड में भी जांच की थी। उन्हें बेहतर कार्यशैली के लिए उन्हें कई पदक मिल चुके हैं। पुलिसिंग के लिए तेज तर्रार माने जाते हैं।