Kanpur: आईटीसी रिवर्सल और क्रेडिट नोट्स पर नई सुविधा लागू, अक्टूबर से लागू…व्यापारियों को बड़ी राहत
Kanpur News: जीएसटी नेटवर्क ने इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम में बदलाव करते हुए अब करदाताओं को क्रेडिट नोट्स जैसे कुछ रिकॉर्ड्स को सीमित अवधि के लिए पेंडिंग रखने की सुविधा दी है। इसके अतिरिक्त, आईटीसी रिवर्सल के लिए भी नई घोषणा सुविधा दी गई है, जो अक्टूबर टैक्स पीरियड से प्रभावी है।
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कानपुर में जीएसटी नेटवर्क ने इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम में करदाताओं के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू करने की घोषणा की है। अब करदाता कुछ विशेष रिकार्ड्स को एक सीमित अवधि के लिए लंबित रख सकेंगे। मासिक रिटर्न भरने वालों के लिए यह अवधि एक टैक्स पीरियड (एक माह) होगी, जबकि त्रैमासिक करदाताओं के लिए यह अवधि एक तिमाही तक सीमित रहेगी।
पेंडिंग रखने योग्य रिकार्ड्स में क्रेडिट नोट्स या क्रेडिट नोट में ऊपर की ओर संशोधन, ऐसे क्रेडिट नोट्स का डाउनवर्ड अमेंडमेंट, जिनके मूल क्रेडिट नोट को अस्वीकार किया गया हो, ऐसे इनवॉइस या डेबिट नोट्स का डाउनवर्ड अमेंडमेंट जिनका मूल इनवॉइस स्वीकार किया जा चुका हो और जीएसटीआर -3बी दाखिल हो चुकी हो। ई-कॉमर्स ऑपरेटर (ईसीओ) डॉक्यूमेंट्स का डाउनवर्ड अमेंडमेंट जिनका मूल पहले ही स्वीकार हो चुका हो और जीएसटीआर-3बी दाखिल हो शामिल हैं।
पूरा या आंशिक रिवर्सल कर सकते हैं करदाता
जीएसटीएन ने स्पष्ट किया है कि यदि करदाता ने संबंधित इनवॉइस या दस्तावेज़ पर इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं लिया है तो आईटीसी रिवर्सल की आवश्यकता नहीं होगी और यदि आंशिक आईटीसी लिया गया है, तो रिवर्सल भी उसी अनुपात में करना होगा। इसी उद्देश्य से नई सुविधा दी गई है, जिसके अंतर्गत करदाता यह घोषित कर सकेंगे कि उन्होंने संबंधित इनवॉइस या दस्तावेज़ पर कितना आईटीसी लिया है और उसमें से कितना रिवर्स करना है। करदाता चाहे तो पूरा या आंशिक रिवर्सल कर सकते हैं।
अक्टूबर टैक्स पीरियड से पोर्टल पर लागू हो गई है सुविधा
यह सुविधा उन मामलों में भी उपलब्ध है, जहां करदाता पहले ही आंशिक या पूर्ण रिवर्सल कर चुके हों या आईटीसी लिया ही न हो। अब करदाता रिजेक्ट या पेंडिंग कार्रवाई करते समय वैकल्पिक रूप से अपनी टिप्पणी दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा जल्द ही पोर्टल पर लागू होगी। दर्ज की गई टिप्पणियां जीएसटीआर-2बी में भविष्य के लिए दिखाई देंगी और सप्लायर को आउट वर्ड सप्लाइज व्यू डैशबोर्ड पर भी उपलब्ध होंगी। इससे वे सुधारात्मक कदम उठा सकें। क्रेडिट नोट्स को पेंडिंग रखने और आईटीसी राशि घोषित करने की सुविधा अक्टूबर टैक्स पीरियड से पोर्टल पर लागू हो गई हैं।
यह बदलाव लंबे समय से अपेक्षित थे और अब इससे करदाताओं को अपने इनवॉइस और क्रेडिट नोट्स को सही समय पर मिलान करने में बड़ी राहत मिलेगी। आईटीसी रिवर्सल की नई सुविधा करदाताओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी और अनावश्यक नोटिसों से बचने में मदद करेगी। -सीए नितिन सिंह, डिप्टी कन्वीनर, कानपुर सीएसीपीई स्टडी सर्किल