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कानपुर: एमआरआई व सीटी मशीन के लिए पैसा आया, इस्तेमाल नहीं हुआ, हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज से मांगा जवाब
Thu, 22 Jul 2021 05:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 22 Jul 2021 05:00 PM IST
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर
कानपुर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन न होने पर पीजी छात्र पढ़ नहीं पा रहे हैं। वर्ष 2018 में छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी। उस पर हैलट में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन न लगने पर जवाब मांगा है।
प्राचार्य ने बताया कि शासन को जवाब भेज दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि एमआरआई मशीन का पैसा आया था लेकिन लौट गया। हैलट के लिए प्रस्तावित सीटी मशीन कन्नौज चली गई। सूूत्रों का कहना है कि कई बार कॉलेज प्रबंधन ने शासन को एमआरआई मशीन और सीटी स्कैन के लिए प्रस्ताव भेजा, लेकिन यहां पीपीपी मोड पर सेंटर चलाने के लिए कहा गया। अभी भी प्रक्रिया चल रही है।
पुराना सेंटर भी चल रहा है। यहां एमआरआई के लिए तीन साल पहले पैसा भी आवंटित किया गया लेकिन कागजों में ही वापस हो गया। सीटी का भी प्रस्ताव बना और कन्नौज शिफ्ट हो गया। डेढ़ साल पहले तत्कालीन प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए प्रस्ताव भेजा लेकिन शासन स्तर पर उसे निरस्त कर दिया गया।
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शासन से एमआरआई, सीटी स्कैन मशीन मांगी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने शासन से एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन मांगी है। अभी जो सेंटर चल रहा है, उसका करार वर्ष 2018 में समाप्त हो गया था, लेकिन वेट लीज पर चल रहा है। बंद होगा तो रोगियों को दिक्कत होगी। पीपी मोड पर सेंटर शुरू करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया था लेकिन जवाब नहीं आया।
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प्राचार्य ने बताया कि शासन को जवाब भेज दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि एमआरआई मशीन का पैसा आया था लेकिन लौट गया। हैलट के लिए प्रस्तावित सीटी मशीन कन्नौज चली गई। सूूत्रों का कहना है कि कई बार कॉलेज प्रबंधन ने शासन को एमआरआई मशीन और सीटी स्कैन के लिए प्रस्ताव भेजा, लेकिन यहां पीपीपी मोड पर सेंटर चलाने के लिए कहा गया। अभी भी प्रक्रिया चल रही है।
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पुराना सेंटर भी चल रहा है। यहां एमआरआई के लिए तीन साल पहले पैसा भी आवंटित किया गया लेकिन कागजों में ही वापस हो गया। सीटी का भी प्रस्ताव बना और कन्नौज शिफ्ट हो गया। डेढ़ साल पहले तत्कालीन प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए प्रस्ताव भेजा लेकिन शासन स्तर पर उसे निरस्त कर दिया गया।
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शासन से एमआरआई, सीटी स्कैन मशीन मांगी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने शासन से एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन मांगी है। अभी जो सेंटर चल रहा है, उसका करार वर्ष 2018 में समाप्त हो गया था, लेकिन वेट लीज पर चल रहा है। बंद होगा तो रोगियों को दिक्कत होगी। पीपी मोड पर सेंटर शुरू करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया था लेकिन जवाब नहीं आया।