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कानपुर: घर के बाहर गोली मार की थी मेडिकल स्टोर कर्मचारी की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा, छह गिरफ्तार
Sun, 17 Oct 2021 01:09 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 17 Oct 2021 01:09 PM IST
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में मेडिकल स्टोर के कर्मचारी आशीष अग्निहोत्री(28) की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत नामजद 6 आरोपियों को रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से तमंचा व कारतूस बरामद किए। नामजद अन्य तीन आरोपियों की भूमिका पुलिस तलाश कर रही है। कुछ घंटे बाद पुलिस मामले में प्रेसवार्ता करेगी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आशीष व प्रांशु का लेनदेन का विवाद था। प्रांशु अमेजॉन कंपनी में सुपरवाइजर है। रविवार को आशु तोमर व अन्य ने प्रांशु को बताया कि बातचीत के दौरान आशीष तुम्हारी बहन को लेकर गाली गलौज दे रहा था।
जैसे ही प्रांशु ने यह बात सुनी वह भड़क गया। रात करीब दस बजे वह आशीष के घर पर पहुंचा। गले में हाथ डालकर उसको बाहर लेकर आया। इसी दौरान आशीष से पूछा कि तुमने मुझे बहन की गाली दी थी। जैसे ही आशीष ने कहा हां। प्रांशु ने उसके सीने में गोली दाग दी थी।
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मौके पर ही आशीष की मौत हो गई थी। फजलगंज इंस्पेक्टर अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में प्रांशु गुप्ता और उसके साथी आशु तोमर, जय उर्फ नितेश जायसवाल, वीरू बिहारी, शिवा श्रीवास्तव और राजन करिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी तीन दोस्त और भी केस में नामजद हैं। उनकी तलाश की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर उनको भी जेल भेजा जाएगा।
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पुलिस की जांच में सामने आया कि आशीष व प्रांशु का लेनदेन का विवाद था। प्रांशु अमेजॉन कंपनी में सुपरवाइजर है। रविवार को आशु तोमर व अन्य ने प्रांशु को बताया कि बातचीत के दौरान आशीष तुम्हारी बहन को लेकर गाली गलौज दे रहा था।
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जैसे ही प्रांशु ने यह बात सुनी वह भड़क गया। रात करीब दस बजे वह आशीष के घर पर पहुंचा। गले में हाथ डालकर उसको बाहर लेकर आया। इसी दौरान आशीष से पूछा कि तुमने मुझे बहन की गाली दी थी। जैसे ही आशीष ने कहा हां। प्रांशु ने उसके सीने में गोली दाग दी थी।
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मौके पर ही आशीष की मौत हो गई थी। फजलगंज इंस्पेक्टर अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में प्रांशु गुप्ता और उसके साथी आशु तोमर, जय उर्फ नितेश जायसवाल, वीरू बिहारी, शिवा श्रीवास्तव और राजन करिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी तीन दोस्त और भी केस में नामजद हैं। उनकी तलाश की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर उनको भी जेल भेजा जाएगा।
कानपुर के दर्शनपुरवा में बग्गा टेंट हाउस वाली गली में शनिवार रात हिस्ट्रीशीटरों ने अपने साथियों संग एक मेडिकल स्टोर कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देकर बदमाश फरार हो गए थे। शुरुआती जांच में लेनदेन का विवाद सामने आया था।
पुलिस इसके अलावा कई अन्य बिंदुओं पर भी छानबीन की थी। फजलगंज दर्शनपुरवा निवासी आशीष अग्निहोत्री (28) स्वरूपनगर स्थित मां मेडिकल स्टोर पर काम करते थे। उनके छोटे भाई मनीष ने बताया कि रात करीब नौ बजे काम से लौटे मनीष घर में चाय-नाश्ता कर रहे थे।
तकरीबन 10 बजे इलाके का रहने वाला प्रांशु गुप्ता उनके घर पहुंचा था। वह आशीष को बुलाकर घर के बाहर ले गया। कुछ ही पलों में उसे गोली मार दी थी। गोली चलने की आवाज और चीखपुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां आशीष का शव खून से लथपथ पड़ा था। परिजन उन्हें लेकर हैलट पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि कुछ देर पहले ही मौत हो चुकी है।
पुलिस इसके अलावा कई अन्य बिंदुओं पर भी छानबीन की थी। फजलगंज दर्शनपुरवा निवासी आशीष अग्निहोत्री (28) स्वरूपनगर स्थित मां मेडिकल स्टोर पर काम करते थे। उनके छोटे भाई मनीष ने बताया कि रात करीब नौ बजे काम से लौटे मनीष घर में चाय-नाश्ता कर रहे थे।
तकरीबन 10 बजे इलाके का रहने वाला प्रांशु गुप्ता उनके घर पहुंचा था। वह आशीष को बुलाकर घर के बाहर ले गया। कुछ ही पलों में उसे गोली मार दी थी। गोली चलने की आवाज और चीखपुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां आशीष का शव खून से लथपथ पड़ा था। परिजन उन्हें लेकर हैलट पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि कुछ देर पहले ही मौत हो चुकी है।
हिस्ट्रीशीटरों ने अंजाम दी वारदात
पुलिस के मुताबिक, परिजनों का कहना है कि आशीष का इलाके के रहने वाले आशु तोमर से लेनदेन का कुछ विवाद था। इसलिए आशु ने हिस्ट्रीशीटर अनिल चौरसिया उर्फ नाटी, हिस्ट्रीशीटर वीरू, सुनील, राजन करिया, शिवा श्रीवास्तव, बाबू बिहारी और जय जायसवाल आदि से मिलकर साजिश रची। साजिश के तहत प्रांशु आशीष को घर से बाहर लेकर आया और फिर उसे गोली मार दी। गोली सीधे छाती में बायीं तरफ मारी, जिससे बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
परिजनों ने जिन लोगों पर आरोप लगाया है, उनकी तलाश की जा रही है। उसमें कई शातिर अपराधी हैं। शुरुआती जांच में लेनदेन का विवाद सामने आया है। अन्य कई बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर कुछ नामजद और अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।
प्रमोद कुमार, डीसीपी पूर्वी
पुलिस के मुताबिक, परिजनों का कहना है कि आशीष का इलाके के रहने वाले आशु तोमर से लेनदेन का कुछ विवाद था। इसलिए आशु ने हिस्ट्रीशीटर अनिल चौरसिया उर्फ नाटी, हिस्ट्रीशीटर वीरू, सुनील, राजन करिया, शिवा श्रीवास्तव, बाबू बिहारी और जय जायसवाल आदि से मिलकर साजिश रची। साजिश के तहत प्रांशु आशीष को घर से बाहर लेकर आया और फिर उसे गोली मार दी। गोली सीधे छाती में बायीं तरफ मारी, जिससे बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
परिजनों ने जिन लोगों पर आरोप लगाया है, उनकी तलाश की जा रही है। उसमें कई शातिर अपराधी हैं। शुरुआती जांच में लेनदेन का विवाद सामने आया है। अन्य कई बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर कुछ नामजद और अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।
प्रमोद कुमार, डीसीपी पूर्वी