खास खबर: पंचायती राज का 'बड़ा खेल', कुसी पर बैठे कार्यवाहक, फिर भी दे दिया प्रधान का मानदेय, पढ़ें पूरा मामला
Kanpur News: कानपुर की पांच ग्राम पंचायतों में नियमों को दरकिनार कर कार्यवाहक प्रधानों को गैर-कानूनी तरीके से 2.47 लाख के मानदेय का भुगतान कर दिया गया। नियम के मुताबिक 5,000 प्रति माह का मानदेय सिर्फ निर्वाचित ग्राम प्रधान को मिलता है, कार्यवाहक प्रधान को नहीं।
विस्तार
कानपुर में ग्राम प्रधान की कुर्सी खाली हुई तो ग्राम पंचायत सदस्य को कार्यवाहक प्रधान की जिम्मेदारी सौंप दी गई। लेकिन प्रधान को दिया जाने वाला मानदेय पांच हजार रुपये प्रतिमाह की दर से दिया जाना नहीं बंद किया। यह नियमानुसार गलत है। यह मानदेय सिर्फ प्रधान को ही दिया जाता है। इस तरह के खेल एक-दो ग्राम पंचायतों में नहीं, बल्कि पांच ग्राम पंचायतों के कार्यवाहक प्रधानों को वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में कुल 2.47 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
शासन निर्वाचित प्रधान को पांच हजार रुपये मानदेय के रूप में देती है। अगर किसी प्रधान की अचानक मृत्यु हो जाती या फिर जेल चला जाता है, तो ऐसे समय में ग्राम पंचायत सदस्यों को जिलाधिकारी की स्वीकृति से केवल कार्यवाहक प्रधान के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाती है। कार्यवाहक प्रधानों को मानदेय देने का कोई नियम नहीं हैं। इसके बावजूद ग्राम पंचायत सचिवों ने घाटमपुर, पतारा, सरसौल, बिल्हौर और कल्याणपुर विकासखंड की पांच ग्राम पंचायतों में मानदेय का भुगतान निर्वाचित प्रधानों की तरह कर दिया।
गलत तरीके से कैसे भुगतान हो गया
इसमें सबसे ज्यादा भुगतान सरसौल, बिल्हौर, कल्याणपुर की ग्राम पंचायतों में किया गया है। पांच पंचायतों में वर्ष 2025-26 में 1.925 लाख और 2026-27 में 55 हजार रुपये, कुल 2.475 लाख रुपये का भुगतान हुआ। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब ग्राम पंचायतों में भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन है इसके बाद भी विकासखंड स्तर पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) और जिला स्तर पर डीपीएम समेत अन्य जिम्मेदार जांच करते है फिर भी गलत तरीके से कैसे भुगतान हो गया।
विकासखंड ग्राम पंचायत कार्यवाहक प्रधान 2025-26 2026-27
घाटमपुर डुहरू नरेंद्र कुमार 7,500 30,000
पतारा सरखेमपुर अंकित 35,000 00
सरसौल महोली संतोष कुमार 50,000 5,000
बिल्हौर हंसोली काजीगंज रवि कुमार 40,000 15,000
कल्याणपुर हृदयपुर कविता देवी 60,000 5,000
अगर नवनिर्वाचित प्रधान पद से हट जाता है तो कार्यवाहक प्रधान को मानदेय देने का कोई नियम नहीं है। अगर किसी भी ग्राम पंचायत में मानदेय का भुगतान किया गया है, तो उसकी जांच कर कार्रवाई होगी। -मनोज कुमार, डीपीआरओ