Kanpur: शादी के 18वें दिन नवविवाहिता की हत्या करने वाले आशिक को उम्रकैद, जिला जज ने सुनाई सजा
कानपुर में शादी के 18वें दिन नवविवाहिता की हत्या के मामले में सिरफिरे आशिक को जिला जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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शादी के 18वें दिन नवविवाहिता के हत्या करने वाले सिरफिरे आशिक को जिला जज प्रदीप कुमार सिंह ने उम्रकैद और 26 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। छह साल पुराने मामले में गुरुवार को फैसला आया है। जुर्माने की आधी धनराशि मृतका के पति को देने का आदेश दिया है। बिठूर के बैकुंठपुर निवासी पूनम मौर्य की शादी सामूहिक विवाह समारोह में 17 फरवरी 2018 को उन्नाव के सोहरामऊ निवासी अंकुश मौर्य से हुई थी।
20 फरवरी को पूनम चौथी पर मायके लौटी थी। सात मार्च की शाम को पूनम गले में टांसिल का दर्द होने पर सिंहपुर के आस्था अस्पताल में दवा लेने गई थी लेकिन रात तक नहीं लौटी। अगले दिन सिंहपुर जाने वाली रोड पर एक फार्म हाउस के पास रेत में पूनम का शव मिला था। पूनम के पिता शिवशंकर मौर्य ने बिठूर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पूनम के प्रेमी बिठूर के हिंगूपुर निवासी नीरज मौर्य को जेल भेजा था।
नीरज ने हत्या के बाद पूनम के जेवरात भी लूट लिए थे। अपर शासकीय अधिवक्ता ओंकार नाथ वर्मा व एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने बताया कि नीरज ने शादी के बाद पूनम के पति अंकुश को फोन कर कहा था कि पूनम ने धोखा दिया। यह उसने ठीक नहीं किया। वह उसकी नहीं हो सकी तो किसी और की भी नहीं होने देगा। नीरज की निशानदेही पर पुलिस ने स्टेट बैंक की छत पर कूड़े के ढेर से एक पाॅलिथीन में रखे जेवरात बरामद किए थे। अभियोजन की ओर से पूनम के पिता, बहन व पति समेत सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने नीरज को दोषी मानकर सजा सुनाई।
नीरज के घरवालों ने कर दिया था शादी से इनकार
पूनम की छोटी बहन सीमा ने कोर्ट में दिए बयान में कहा था कि पूनम शादी से पहले आस्था अस्पताल और नीरज स्टेट बैंक में काम करता था। वहीं दोनों की मुलाकात हुई थी। प्रेम प्रसंग का पता चलने पर पूनम के पिता ने नीरज के पिता से शादी की बात की तो उन्होंने इनकार कर दिया था। तब पिता ने पूनम की शादी अंकुश से कर दी थी। इससे नीरज चिढ़ गया था और धमकी दी थी।