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कानपुर: छेड़छाड़ के विरोध में हत्या करने वाले को उम्रकैद, पत्नी पर थी बुरी नजर, मना करने पर की थी पति की हत्या
Fri, 23 Jul 2021 04:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 23 Jul 2021 04:55 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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पत्नी पर बुरी नीयत रखने से मना करने पर पति की हत्या कर देने वाले को जिला जज आरपी सिंह ने उम्रकैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम से 25 हजार रुपये मृतक की पत्नी को दिए जाएंगे।
कौशांबी के सैनी निवासी गीता देवी अपने पति रामगोपाल के साथ महाराजपुर में ईंट पथाई का काम करती थी और वहीं रहती थी। प्रतापगढ़ के महेशगंज निवासी सोनू पासी उर्फ सरोज भी यहां काम करता था। सोनू अक्सर गीता से छेड़छाड़ करता रहता था।
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कौशांबी के सैनी निवासी गीता देवी अपने पति रामगोपाल के साथ महाराजपुर में ईंट पथाई का काम करती थी और वहीं रहती थी। प्रतापगढ़ के महेशगंज निवासी सोनू पासी उर्फ सरोज भी यहां काम करता था। सोनू अक्सर गीता से छेड़छाड़ करता रहता था।
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गीता ने रामगोपाल से शिकायत की तो उसने सोनू को फटकारा था। सोनू रामगोपाल से रंजिश मानने लगा। 31 जनवरी 2015 को सोनू शराब पिलाने के बहाने रामगोपाल को ले गया था। अगले दिन सरसौल में एक खेत में रामगोपाल की लाश मिली थी।
डीजीसी दिलीप अवस्थी व एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने बताया कि गीता ने 1 फरवरी 2015 को महाराजपुर थाने में सोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोनू ने पास में लगे बिजली के खंभे में टकराकर और ईंट मारकर रामगोपाल की हत्या की थी।
सबूत मिटाने के लिए शव को गेहूं के खेत में छिपा दिया था। पुलिस ने उसी दिन सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सोनू को दोषी मानकर सजा सुनाई।
डीजीसी दिलीप अवस्थी व एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने बताया कि गीता ने 1 फरवरी 2015 को महाराजपुर थाने में सोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोनू ने पास में लगे बिजली के खंभे में टकराकर और ईंट मारकर रामगोपाल की हत्या की थी।
सबूत मिटाने के लिए शव को गेहूं के खेत में छिपा दिया था। पुलिस ने उसी दिन सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सोनू को दोषी मानकर सजा सुनाई।