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कानपुर: नशीली दवा बेचने और कागजों पर चलतीं 28 दवा फर्मों के लाइसेंस रद्द, 3270 दुकानों की जांच के बाद कार्रवाई

Sun, 04 Oct 2026 08:51 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sun, 04 Oct 2026 08:51 AM IST
सार

Kanpur News: औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं (कोडीनयुक्त कफ सिरप) की अवैध बिक्री करने और कागजों पर संचालित हो रही 28 थोक दवा फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर 3,270 फर्मों के सत्यापन के बाद यह कदम उठाया गया है।

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Kanpur Licenses of 28 pharmaceutical firms involved in selling narcotic drugs and existing only on paper
कोडीनयुक्त सिरप की खेप - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में कोडीनयुक्त कफ सिरप जैसी नशीली दवाओं को बेचने वाली और सिर्फ कागजों पर संचालित हो रही 28 दवा फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। औषधि विभाग ने 3270 दवा फर्मों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है। अगस्त 2025 में अग्रवाल ब्रदर्स के यहां मिले नशीले सिरप के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने दवा फर्मों के सत्यापन और जांच के निर्देश दिए थे।

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विभाग की टीम बिरहाना रोड, कल्याणपुर, लालबंगला आदि जगहों पर अभियान चलाकर थोक दवा फर्मों का सत्यापन कर रही है। अभी तक की जांच में 16 फर्मों कागजों पर चलती मिलीं और 12 फर्मों के जरिये नशीली दवाओं के कारोबार के साक्ष्य मिले हैं।

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कई दवा फर्मे सिर्फ कागजों तक सीमित
इन फर्मों में अग्रवाल ब्रदर्स, सिसोदिया, प्रेमा, माया फर्म, मेडिसिना, मसाइको, कुमार मेडिकल स्टोर, मां दुर्गा मेडिकोज, श्री बालाजी, आर एस हेल्थकेयर, ए एस हेल्थकेयर, एसजीपीएस सहित 28 दवा फर्में शामिल हैं। जांच में सामने आया कि कई दवा फर्मे सिर्फ कागजों तक सीमित है। दस्तावेज में दर्ज पते पर जब विभाग की टीम पहुंची तो, दुकान मालिक ने किसी दवा फर्म या गोदाम के संचालन की जानकारी होने से इन्कार कर दिया।

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28 थोक दवा फर्मों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। इन फर्मों में 12 फर्मे नशीली दवाओं की बिक्री से जुड़ी है। और बाकी सिर्फ कागजों पर चल रही थीं। शासन के निर्देश पर सभी फर्मों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। अभी अभियान जारी है। आगे और कार्रवाई की जाएंगी।  -गोविंद गुप्ता, सहायक आयुक्त, ड्रग विभाग

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3270 फर्मों की जांच कार्रवाई, जांच अभी जारी
लाइसेंस रद्द करने के मामले में 28 दवा फर्मों में से 16 फर्मों के नाम ड्रग विभाग उजागर ही नहीं किए हैं। सूत्रों के अनुसार इन फर्मों को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा हैं। ये वे फर्मों हैं, जिन पर फरवरी से सितंबर तक कार्रवाई की गई है। इन फर्मों के नाम पर लाइसेंस तो जारी हुए, लेकिन दुकान संचालित नहीं की गई। अधिकारियों के अनुसार लाइसेंस सरेंडर करने के लिए समय देने के बावजूद इन फर्मों ने सरेंडर नहीं किया। विभाग को शक है कि इसकी आड़ में नशीली दवाओं का काला कारोबार किया जा रहा है।

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