हड़ताल: श्रमिक संगठनों ने किया प्रदर्शन, कुछ बैंकों में भी रही बंदी, कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोंकझोंक भी हुई
Kanpur News: प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों को न्यूनतम वेतन से भी कम देकर उनसे 12 घंटे काम कराया जा रहा है। इससे उन्हें मजबूरीवश अपने परिवार का पालन करना पड़ रहा है।
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कानपुर में असंगठित क्षेत्र के औद्योगिक बंदी को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच के बैनर तले देश व्यापी हड़ताल के समर्थन में दादानगर चौराहे पर श्रमिक नेताओं ने प्रदर्शन किया। इंटक, एटक, एचएम एस, सीटू, एक्टू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, रक्षा, बीमा और किसान संगठन के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। कहा गया कि न्यूनतम वेतन 26000 करने, ठेकेदारी प्रथा बंद हो, 8 घंटे काम, लेबर कोड रद्द करने, पुरानी पेंशन लागू करने समेत अन्य मांगो के समर्थन में हड़ताल की गई है।
प्रदर्शन में रास्ता जाम किए जाने पर पुलिसकर्मियों से कार्यकर्ताओं की नोंक झोंक भी हुई। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों को न्यूनतम वेतन से भी कम देकर उनसे 12 घंटे काम कराया जा रहा है। इससे उन्हें मजबूरीवश अपने परिवार का पालन करना पड़ रहा है। न्यूनतम वेतन रु 26000 की मांग की जा रही है। इस मौके पर संयोजक असित कुमार सिंह ने विचार व्यक्त किए।
हड़ताल का रहा मिलाजुला असर
वही, एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक बैंक की शाखाएं पूरी तरह खुली रही। वहां पर हड़ताल का कोई असर नहीं था और ना यहां की यूनियन हड़ताल में शामिल थी। इसके अलावा अन्य सरकारी बैंक शाखाओं में हड़ताल का मिलाजुला असर रहा। कुछ जगह शाखाएं कुछ देर के लिए बंद की गईं। इसके बाद में खोल दी गई थीं।