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Kanpur: मकान की रजिस्ट्री के लिए 10 हजार घूस लेते केडीए का बेलदार दफ्तर से गिरफ्तार
Tue, 10 Sep 2024 09:31 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 10 Sep 2024 09:31 PM IST
सार
Kanpur News: मकान की रजिस्ट्री के लिए केडीए का बेलदार घूस मांग रहा था। शिकायत के बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर पांच मिनट के अंदर बेलदार को दफ्तर से रंगे हाथ धर दबोचा।
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आरोपी बेलदार नीरज मल्होत्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केडीए से आवंटित मकान की रजिस्ट्री के लिए अधिवक्ता से 10 हजार रुपये घूस लेते बेलदार को विजिलेंस टीम ने मंगलवार को रंगे हाथ दफ्तर से धर दबोचा। विजिलेंस टीम ने पांच मिनट में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी बेलदार नीरज मल्होत्रा तात्या टोपेनगर का निवासी बताया जा रहा है। तलाशी लेने पर उसके पास से 37,140 रुपये बरामद हुए। उसके विरुद्ध विजिलेंस थाने में केस दर्ज किया गया है।
बसंत विहार निवासी अधिवक्ता दीपेंद्र कुमार ने बताया कि मां कुसुम देवी शुक्ला के नाम पर कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) से ईडब्लूएस-4 जोन 402 गुजैनी में आठ मार्च 1984 को मकान आवंटित हुआ था। मकान का पूरा भुगतान किया जा चुका है, लेकिन किसी कारण रजिस्ट्री नहीं करा पाए थे। 2013 से वे रजिस्ट्री कराने के लिए केडीए के चक्कर लगा रहे थे। दीपेंद्र का कहना है कि उन्होंने कई बार बाबू और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी बीच उनकी मुलाकात बेलदार नीरज से हुई।
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बसंत विहार निवासी अधिवक्ता दीपेंद्र कुमार ने बताया कि मां कुसुम देवी शुक्ला के नाम पर कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) से ईडब्लूएस-4 जोन 402 गुजैनी में आठ मार्च 1984 को मकान आवंटित हुआ था। मकान का पूरा भुगतान किया जा चुका है, लेकिन किसी कारण रजिस्ट्री नहीं करा पाए थे। 2013 से वे रजिस्ट्री कराने के लिए केडीए के चक्कर लगा रहे थे। दीपेंद्र का कहना है कि उन्होंने कई बार बाबू और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी बीच उनकी मुलाकात बेलदार नीरज से हुई।
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नीरज ने 10 हजार रुपये में रजिस्ट्री कराने की बात कही। सौदा तय होने के बाद उन्होंने विजिलेंस को सूचना दे दी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। मंगलवार को इंस्पेक्टर प्रदीप यादव के नेतृत्व में इंदू यादव, राजन रावत, जय श्याम शुक्ल सहित 12 लोगों की टीम दीपेंद्र के साथ केडीए पहुंची। दीपेंद्र तीसरे खंड पर स्थित विश्वबैंक योजना के सेल विभाग में कार्यरत बेलदार नीरज मल्होत्रा के पास पहुंचे। उनके साथ एक व्यक्ति को देखकर नीरज ने उसके बारे में पूछा तो उसने अपना परिचय रेलवे कर्मचारी के रूप में दिया। इसके बाद जैसे ही दीपेंद्र ने नीरज को 10 हजार रुपये दिए, विजिलेंस टीम ने धर दबोचा। टीम बेलदार नीरज को घसीटते हुए पोर्टिको में लेकर आई और कार में बैठाकर ग्वालटोली स्थित थाने ले गई। बुधवार को लखनऊ स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में उसे पेश किया जाएगा।
चपरासी से बना बेलदार
केडीए पीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि नीरज चपरासी पद से पदोन्नत हुआ था, लेकिन चतुर्थ श्रेणी में ही था। केडीए सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों से सेटिंग कर वह रजिस्ट्री व संपत्ति से जुड़े काम कराता था। मौजूदा समय में वह विश्वबैंक योजना में कार्य कर रहा था।
केडीए पीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि नीरज चपरासी पद से पदोन्नत हुआ था, लेकिन चतुर्थ श्रेणी में ही था। केडीए सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों से सेटिंग कर वह रजिस्ट्री व संपत्ति से जुड़े काम कराता था। मौजूदा समय में वह विश्वबैंक योजना में कार्य कर रहा था।
24 घंटे के अंदर दूसरी कार्रवाई
भ्रष्टाचार के खिलाफ 24 घंटे में विजिलेंस की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। एक दिन पहले ही विजिलेंस की टीम ने एसीपी बाबूपुरवा कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल शहनवाज खान को गिरफ्तार किया था। कुछ दिनों पहले नगर निगम के अपर नगर आयुक्त प्रथम के पीए दीपक यादव को भी विजिलेंस ने 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा था।
भ्रष्टाचार के खिलाफ 24 घंटे में विजिलेंस की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। एक दिन पहले ही विजिलेंस की टीम ने एसीपी बाबूपुरवा कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल शहनवाज खान को गिरफ्तार किया था। कुछ दिनों पहले नगर निगम के अपर नगर आयुक्त प्रथम के पीए दीपक यादव को भी विजिलेंस ने 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा था।