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KANPUR: छह प्लाटों की फर्जी रजिस्ट्री करने वाला केडीए बाबू बर्खास्त, पढ़ें पूरा मामला
Sun, 22 May 2022 10:27 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 22 May 2022 10:27 PM IST
सार
पीआरओ एसबी राय के अनुसार जांच के दौरान आरोपी कर्मचारी ने किसी भी आरोप के संबंध में तथ्यात्मक साक्ष्य (जवाब) प्रस्तुत नहीं किया। जांच में कंचन गुप्ता कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए बिना आवंटन प्रक्रिया पूर्ण कराने, जमीन का मूल्य जमा कराए बिना प्लाटों की फ्री-होल्ड रजिस्ट्री कराने के दोषी पाए गए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले बाबू कंचन गुप्ता को केडीए वीसी ने बर्खास्त कर दिया है। वह पिछले साल से इसी मामले में निलंबित चल रहा था। वीसी ने इन प्लाटों की डीड निरस्त कराते हुए नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए।
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केडीए के बाबू (प्रथम श्रेणी लिपिक) कंचन कुमार गुप्ता ने विकास प्राधिकरण की जूही योजना में छह प्लाटों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर और कुछ लोगों से मिलीभगत कर फ्री होल्ड डीड (रजिस्ट्री) करा दी और इनकी मूल फाइल प्राधिकरण कार्यालय से गायब कर दी।
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एक दशक पहले समाचार पत्रों के माध्यम से यह मामला उजागर हुआ, पर इस मामले को कई बार दबाने की कोशिश की गई। शुरुआती जांच दोषी पाए पर पिछले वर्ष कंचन गुप्ता को निलंबित करते हुए उनके एवं अन्य व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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मामले में अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। पीआरओ एसबी राय के अनुसार जांच के दौरान आरोपी कर्मचारी ने किसी भी आरोप के संबंध में तथ्यात्मक साक्ष्य (जवाब) प्रस्तुत नहीं किया। जांच में कंचन गुप्ता कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए बिना आवंटन प्रक्रिया पूर्ण कराने, जमीन का मूल्य जमा कराए बिना प्लाटों की फ्री-होल्ड रजिस्ट्री कराने के दोषी पाए गए। इसके चलते उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।