{"_id":"602eac7d8ebc3e1dcd5a970b","slug":"kanpur-javed-habib-get-s-hair-cut-from-divyang-by-sitting-on-the-pavementn","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: जावेद हबीब ने फुटपाथ पर बैठ दिव्यांग से कटवाए बाल फिर गिफ्ट की हेयर कट किट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: जावेद हबीब ने फुटपाथ पर बैठ दिव्यांग से कटवाए बाल फिर गिफ्ट की हेयर कट किट
Thu, 18 Feb 2021 11:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 18 Feb 2021 11:38 PM IST
विज्ञापन
दिव्यांग मोनू से बाल कटवाते जावेदी हबीब
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरी दुकान पर तो भगवान आ गए, मैंने तो कभी सोचा ही नहीं था कि मैं कभी जावेद हबीब से मिल भी पाऊंगा। यह बोलकर नजीराबाद थाने के सामने फुटपाथ पर बाल काटने वाला दिव्यांग मोनू सविता जावेद हबीब के पैरों पर गिर गया।
उन्होंने उसे उठाया और उसकी कुर्सी पर बैठ उससे बाल कटवाए। रायबरेली के छज्जूपुर गांव निवासी मोनू पोलियो के चलते बचपन से दिव्यांग हैं। 2008 से अपने गांव में बाल काटने का काम करता था। दिसंबर 2020 में अपने जीजा शैलेन्द्र के साथ कानपुर आया।
उसके जीजा ने उसे एक लकड़ी की कुर्सी और मेज के साथ बाल काटने वाले यंत्र खरीदकर दे दिए। मोनू यहीं फुटपाथ पर बैठकर बाल काटता और अपना पेट पालता है। बुधवार शाम वहां से गुजर रहे जावेद हबीब की नजर उस पर पड़ी। उसके बाल काटने का तरीका उन्हें भा गया।
विज्ञापन
अमूमन बाल काटने के लिए घूमना पड़ता है लेकिन मोनू एक जगह खड़े होकर ग्राहक को घुमाकर बाल काट रहा था। इस पर गुरुवार सुबह 11 बजे जावेद उसकी दुकान पर पहुंचे, उससे बाल कटवाए और फिर मोनू के बाल खुद काटे। साथ ही उन्होंने उसे बाल काटने की एक किट (कैंची, तौलिया, ब्रश, दो टीशर्ट, स्प्रे बोतल) दी। उन्होंने मोनू को प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने की भी बात कही। साथ में मनीष अग्रवाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने उसे उठाया और उसकी कुर्सी पर बैठ उससे बाल कटवाए। रायबरेली के छज्जूपुर गांव निवासी मोनू पोलियो के चलते बचपन से दिव्यांग हैं। 2008 से अपने गांव में बाल काटने का काम करता था। दिसंबर 2020 में अपने जीजा शैलेन्द्र के साथ कानपुर आया।
विज्ञापन
उसके जीजा ने उसे एक लकड़ी की कुर्सी और मेज के साथ बाल काटने वाले यंत्र खरीदकर दे दिए। मोनू यहीं फुटपाथ पर बैठकर बाल काटता और अपना पेट पालता है। बुधवार शाम वहां से गुजर रहे जावेद हबीब की नजर उस पर पड़ी। उसके बाल काटने का तरीका उन्हें भा गया।
विज्ञापन
अमूमन बाल काटने के लिए घूमना पड़ता है लेकिन मोनू एक जगह खड़े होकर ग्राहक को घुमाकर बाल काट रहा था। इस पर गुरुवार सुबह 11 बजे जावेद उसकी दुकान पर पहुंचे, उससे बाल कटवाए और फिर मोनू के बाल खुद काटे। साथ ही उन्होंने उसे बाल काटने की एक किट (कैंची, तौलिया, ब्रश, दो टीशर्ट, स्प्रे बोतल) दी। उन्होंने मोनू को प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने की भी बात कही। साथ में मनीष अग्रवाल मौजूद रहे।