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बस नाम की स्मार्ट सिटी है कानपुरः वर्षों से अधूरी परियोजनाएं और नगर निगम की अव्यवस्थाओं से लोग नाराज
Sat, 06 Mar 2021 01:49 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 06 Mar 2021 01:49 AM IST
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कानपुर
- फोटो : amar ujala
ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स और स्थानीय निकाय प्रदर्शन सूचकांक की रैंकिंग में कानपुर 28 वें स्थान पर है। शहर को भले ही स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जा रहा हो, लेकिन यहां वर्षों से अधूरी परियोजनाएं और नगर निगम की व्यवस्थाओं से लोग खुश नहीं हैं।
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लाखों नगर निगम से मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से लोग वंचित हैं। यही कारण रहा कि सर्वे में इस मद में लोगों ने 50 फीसदी से कम अंक दिए, इस वजह से शहर 28वें पायदान पर आकर ठहर गया। गुरुवार को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की रैंकिंग जारी की।
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इसका सर्वे जीवन की गुणवत्ता, आर्थिक क्षमता, विकास की स्थिरता और नागरिकों की समझ के आधार पर किया गया। सर्वे में शहर के आधारभूत ढांचे यातायात, शिक्षा, सुरक्षा, मनोरंजन, परिवहन, बिजली, पानी आदि बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखा गया। इसके आधार पर ही शहर को 28वीं रैंक मिली है।
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मूलभूत सुविधाओं से नाराजगी
स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रहे कानपुर शहर के तमाम इलाके ऐसे है जहां सीवर लाइनें चोक हैं। नाले, नालियां गंदगी से पटे हैं। बारिश में कई मोहल्लों में पानी भर जाता है। टूटी सड़कों पर गंदगी, घरों से रोज कूड़ा न उठना भी लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है।
नगर निगम अभी तक सभी वार्डों में सभी घरों से नियमित रूप से घरों से कूड़ा उठान शुरू नहीं कर पाया है। वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए पानी की चार तोप चलाई जा रही हैं। ब्रह्म नगर में कृत्रिम पेड़ लगाया गया है। सड़कों की सफाई के लिए 5 मशीनें हैं। इसके बाद भी नगर निगम लोगों की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा और लोगों ने कम अंक दिए।