Kanpur: नेत्र विशेषज्ञों के लिए चुनौती बने कार्बाइड पटाखों से हुए घाव, AIOS ने केंद्र से प्रतिबंध की मांग की
Kanpur News: कार्बाइड पटाखों से कोशिकाओं में पाउडर जमा होने और गहरे जख्म के नए मामलों ने नेत्र विशेषज्ञों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। एआईओएस ने केंद्र सरकार से इन पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है, जबकि यूपी सोसाइटी ने इलाज की विशेष रणनीति बनाई है।
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कानपुर में कार्बाइड के पटाखे नेत्र रोग विशेषज्ञों के लिए चुनौती बन गए हैं। कार्बाइड से जख्म गहरा हो रहा है और कोशिकाओं में कार्बाइड पाउडर भर जा रहा है। स्थिति के मद्देनजर ऑल इंडिया ऑफ्थेल्मिक सोसाइटी ने केंद्र सरकार से कार्बाइड पटाखों को प्रतिबंधित करने की मांग की है। यूपी स्टेट ऑफ्थेल्मिक सोसाइटी के विशेषज्ञों ने कार्बाइड पटाखों से जले रोगियों के इलाज के तरीकों के संबंध में रणनीति बनाई।
उनका कहना है कि पटाखों से जलने की ऐसी स्थिति पहली बार पैदा हुई है। सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. मलय चतुर्वेदी ने बताया कि कार्बाइड पटाखों से नए तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इसमें अलग किस्म के घाव होते हैं। सोसाइटी के विशेषज्ञों ने इस संबंध में रणनीति तैयार की है कि रोगियों का किस तरह से इलाज किया जाए। कार्बाइड से कॉर्निया और आंख के दूसरे हिस्से को अधिक नुकसान हो जाता है।
लोग पहले इधर-उधर करवाते हैं इलाज
कार्बाइड के पटाखों से होने वाली घटनाओं के बाद कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान भी इस ओर गया है। लोगों से अपील की जा रही है कि आंखों को पटाखों से नुकसान हुआ है, तो नेत्र रोग विशेषज्ञों को ही दिखाएं। लोग पहले अपने से फिर इधर-उधर इलाज करवाते हैं। इसके बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास जाते हैं, जिससे केस अधिक बिगड़ जाता है।