{"_id":"699728d03b0e67a6e30fcb70","slug":"kanpur-hindi-papers-for-science-and-arts-students-changed-causing-uproar-at-the-center-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: विज्ञान व कला वर्ग की छात्राओं के हिंदी के पेपर बदले, केंद्र पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: विज्ञान व कला वर्ग की छात्राओं के हिंदी के पेपर बदले, केंद्र पर हंगामा
Thu, 19 Feb 2026 08:45 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 19 Feb 2026 08:45 PM IST
सार
विज्ञान व कला वर्ग की छात्राओं के हिंदी के पेपर बदल गए। जिसपर छात्राओं ने केंद्र पर हंगामा किया। मामला गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज का है।
विज्ञापन
छात्राओं ने केंद्र पर किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रश्नपत्र वितरण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुधवार को गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज केंद्र पर विज्ञान वर्ग की छात्राओं को सामान्य हिंदी की जगह हिंदी और कला वर्ग की छात्राओं को हिंदी की जगह सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र दे दिया गया। परीक्षा के समय तो छात्राओं ने आपत्ति नहीं जताई, लेकिन गुरुवार को अभिभावक दोबारा से केंद्र पहुंचे और हंगामा किया। सूचना पर नजीराबाद थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं डीआईओएस ने तत्काल टीम भेजकर अभिभावकों से बात की। डीआईओएस ने बताया कि सूचना बोर्ड को भेजी गई है, किसी भी छात्रा का अहित नहीं होगा।
18 फरवरी से शुरू हुई यूपी बोर्ड की परीक्षा में पहले दिन इंटरमीडिएट में हिंदी और सामान्य हिंदी की परीक्षा थी। गुरुनानक इंटर कॉलेज केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचीं कला वर्ग की चार छात्राओं और जेएनपीएन इंटर कॉलेज की विज्ञान वर्ग की चार छात्राओं के प्रश्नपत्र आपस में बदल गए। छात्राओं ने प्रश्नपत्र प्राप्त करने के बाद पूरा पेपर हल भी कर दिया। उस समय न तो छात्राओं ने कोई आपत्ति जताई और न ही कक्ष निरीक्षकों या केंद्र व्यवस्थापक को इसकी जानकारी दी।
गुरुवार को पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्राएं अभिभावकों के साथ केंद्र पर पहुंचीं और हंगामा करने लगीं। छात्राओं का आरोप था कि परीक्षा के दौरान उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया और दबाव बनाकर परीक्षा दिलाई गई। उन्होंने कक्ष निरीक्षकों पर लापरवाही, यहां तक कि ड्यूटी के दौरान सोने के भी आरोप लगाए। स्थिति बिगड़ती देख नजीराबाद थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दूसरी पाली की परीक्षा प्रभावित न हो इसके लिए छात्राओं और अभिभावकों को केंद्र से बाहर किया। डीआईओएस की टीम ने समझाया कि बोर्ड को सूचना भेज दी गई है, छात्राओं का अहित नहीं होगा, इसके बाद छात्राएं शांत हुई।
विज्ञापन
बेसिक के थे शिक्षक भांप नहीं सके प्रश्नपत्र
विभाग का कहना है कि कक्ष निरीक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक थे। जिन्होंने अनजाने में गलत पेपर बांट दिए, हालांकि इसकी सूचना बोर्ड को दे दी गई है। विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
18 फरवरी से शुरू हुई यूपी बोर्ड की परीक्षा में पहले दिन इंटरमीडिएट में हिंदी और सामान्य हिंदी की परीक्षा थी। गुरुनानक इंटर कॉलेज केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचीं कला वर्ग की चार छात्राओं और जेएनपीएन इंटर कॉलेज की विज्ञान वर्ग की चार छात्राओं के प्रश्नपत्र आपस में बदल गए। छात्राओं ने प्रश्नपत्र प्राप्त करने के बाद पूरा पेपर हल भी कर दिया। उस समय न तो छात्राओं ने कोई आपत्ति जताई और न ही कक्ष निरीक्षकों या केंद्र व्यवस्थापक को इसकी जानकारी दी।
विज्ञापन
गुरुवार को पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्राएं अभिभावकों के साथ केंद्र पर पहुंचीं और हंगामा करने लगीं। छात्राओं का आरोप था कि परीक्षा के दौरान उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया और दबाव बनाकर परीक्षा दिलाई गई। उन्होंने कक्ष निरीक्षकों पर लापरवाही, यहां तक कि ड्यूटी के दौरान सोने के भी आरोप लगाए। स्थिति बिगड़ती देख नजीराबाद थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दूसरी पाली की परीक्षा प्रभावित न हो इसके लिए छात्राओं और अभिभावकों को केंद्र से बाहर किया। डीआईओएस की टीम ने समझाया कि बोर्ड को सूचना भेज दी गई है, छात्राओं का अहित नहीं होगा, इसके बाद छात्राएं शांत हुई।
विज्ञापन
बेसिक के थे शिक्षक भांप नहीं सके प्रश्नपत्र
विभाग का कहना है कि कक्ष निरीक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक थे। जिन्होंने अनजाने में गलत पेपर बांट दिए, हालांकि इसकी सूचना बोर्ड को दे दी गई है। विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कक्ष निरीक्षकों से अनजाने में गलत पेपर बांटे हैं। इसकी सूचना बोर्ड को दे दी गई है। बोर्ड के माध्यम से मूल्यांकन केंद्र पर आगे की सूचना पहुंच जाएगी। छात्राएं घबराएं नहीं, उनका कोई अहित नहीं होगा। - डॉ. संतोष कुमार राय, डीआईओएस