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Kanpur: गजेंद्र सिंह नेगी ने डॉक्टर दंपती से 12 ठगे, रिपोर्ट दर्ज
Thu, 04 Sep 2025 11:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 04 Sep 2025 11:59 PM IST
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एफआईआर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
नेगी इन्क्लेव में पैथोलॉजी सेंटर खोलने के नाम पर रावतपुर के राणा प्रतापनगर निवासी डॉक्टर दंपती डॉ. अनुभव कटियार और डॉ. साधना सचान से 12 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। महिला डॉक्टर की तहरीर पर रावतपुर पुलिस ने नेगी गेस्ट हाउस संचालक गजेंद्र सिंह नेगी पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धमकी देने, अपमानित करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। यह गजेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ पांचवीं एफआईआर है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
डॉ. साधना सचान की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक उनका बर्रा दो शास्त्री चौक पर पैथोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी सेंटर है। एक दिन पैथोलॉजी सेंटर में गजेंद्र सिंह नेगी जांच कराने आया। उसने स्वयं के बिल्डर होने की जानकारी दी। केशवपुरम में पैथोलॉजी सेंटर खोलने की बात की। इस तरह नेगी इनक्लेव में एक कार्यालय और दुकान खोलने का सौदा 13,30,560 रुपये में तय हुआ। उन्होंने 22 और 24 अक्तूबर 2018 को पांच-पांच लाख रुपये दे दिए। 27 मार्च 2019 को दो लाख रुपये एनईएफटी करा दी। रुपये मिलने के बाद गजेंद्र सिंह से दुकान व कार्यालय की रजिस्ट्री के लिए आग्रह किया तो इन्कार कर दिया। कहा कि न तुम्हें पैसा देंगे और न ही रजिस्ट्री करेंगे। मेरी शासन में पहुंच है, तुमसे जो करते बने कर लेना। अगली बार मेरे पास मत आना, नहीं तो जान से हाथ धो बैठोगी। नोटिस भी भेजा।
इसके बाद अब संयुक्त पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार से शिकायत की। उनके निर्देश पर रावतपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। जेसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि गजेंद्र सिंह की तलाश की जा रही है। आखिरी लोकेशन प्रयागराज की मिली है।
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डॉ. साधना सचान की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक उनका बर्रा दो शास्त्री चौक पर पैथोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी सेंटर है। एक दिन पैथोलॉजी सेंटर में गजेंद्र सिंह नेगी जांच कराने आया। उसने स्वयं के बिल्डर होने की जानकारी दी। केशवपुरम में पैथोलॉजी सेंटर खोलने की बात की। इस तरह नेगी इनक्लेव में एक कार्यालय और दुकान खोलने का सौदा 13,30,560 रुपये में तय हुआ। उन्होंने 22 और 24 अक्तूबर 2018 को पांच-पांच लाख रुपये दे दिए। 27 मार्च 2019 को दो लाख रुपये एनईएफटी करा दी। रुपये मिलने के बाद गजेंद्र सिंह से दुकान व कार्यालय की रजिस्ट्री के लिए आग्रह किया तो इन्कार कर दिया। कहा कि न तुम्हें पैसा देंगे और न ही रजिस्ट्री करेंगे। मेरी शासन में पहुंच है, तुमसे जो करते बने कर लेना। अगली बार मेरे पास मत आना, नहीं तो जान से हाथ धो बैठोगी। नोटिस भी भेजा।
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इसके बाद अब संयुक्त पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार से शिकायत की। उनके निर्देश पर रावतपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। जेसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि गजेंद्र सिंह की तलाश की जा रही है। आखिरी लोकेशन प्रयागराज की मिली है।
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