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Kanpur: भाजपा नेता वीरेंद्र दुबे समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट
Mon, 02 Dec 2024 11:39 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 02 Dec 2024 11:39 AM IST
सार
Kanpur News: फर्जी दस्तावेजों के जरिये जमीन हड़पने के आरोप में भाजपा नेता वीरेंद्र दुबे समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में केस दर्ज हुआ।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भाजपा नेता व डीएवी कालेज छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री वीरेंद्र दुबे और उनके परिवार के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकाने समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि फर्जी चेक देकर जमीन अपने नाम करा उसे बेच दिया और पैसे मांगने पर जमीन मालिक को धमकाया। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बी-ब्लॉक किदवईनगर निवासी संजय गुप्ता के अनुसार उनके परिजनों और अन्य रिश्तेदारों के बीच बूढ़पुर मछरिया स्थित पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद के बीच उन्होंने एक रिश्तेदार गणेश शंकर गुप्ता के खिलाफ 2021 में नौबस्ता थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
जमीन को लेकर परिवार के बीच चल रहे मनमुटाव की जानकारी होने पर राधे होल्डिंग लिमिटेड नाम की फर्म के निदेशक और भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय सह संयोजक वीरेंद्र दुबे ने परिजनों के बीच सुलह कराने का आश्वासन दिया। वीरेंद्र के भरोसा दिलाने पर संजय व अन्य परिजन समझौते के लिए तैयार हो गए। संजय के मुताबिक वीरेंद्र ने अपनी फर्म के अन्य निदेशकों के साथ मिलकर जमीन के सभी सह स्वामियों के साथ संजय को सहमति पक्षकार बनाकर पूरे भू-भाग के कुछ हिस्सों को कूटरचित पोस्टडेटेड चेक देकर धोखाधड़ी कर अपनी फर्म के हक में विक्रय पत्र करा लिया।
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बी-ब्लॉक किदवईनगर निवासी संजय गुप्ता के अनुसार उनके परिजनों और अन्य रिश्तेदारों के बीच बूढ़पुर मछरिया स्थित पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद के बीच उन्होंने एक रिश्तेदार गणेश शंकर गुप्ता के खिलाफ 2021 में नौबस्ता थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
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जमीन को लेकर परिवार के बीच चल रहे मनमुटाव की जानकारी होने पर राधे होल्डिंग लिमिटेड नाम की फर्म के निदेशक और भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय सह संयोजक वीरेंद्र दुबे ने परिजनों के बीच सुलह कराने का आश्वासन दिया। वीरेंद्र के भरोसा दिलाने पर संजय व अन्य परिजन समझौते के लिए तैयार हो गए। संजय के मुताबिक वीरेंद्र ने अपनी फर्म के अन्य निदेशकों के साथ मिलकर जमीन के सभी सह स्वामियों के साथ संजय को सहमति पक्षकार बनाकर पूरे भू-भाग के कुछ हिस्सों को कूटरचित पोस्टडेटेड चेक देकर धोखाधड़ी कर अपनी फर्म के हक में विक्रय पत्र करा लिया।
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जब ये चेक बैंक में लगाई गई तो उनका पेमेंट नहीं हुआ। उधर, वीरेंद्र ने जमीन बेचना शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार ने जब रुपये मांगे तो सभी सहस्वामियों को चेक लगाने से रोकते हुए धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर जवाहरनगर निवासी वीरेंद्र दुबे, उनकी पत्नी सरोज दुबे, बेटी अपर्णा दुबे व 3 अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दस्तावेजी साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं। उन्हीं के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
मामला कोर्ट में, तथ्य छुपाकर दर्ज कराई रिपोर्ट
भाजपा पदाधिकारी वीरेंद्र दुबे ने बताया कि हरि शंकर गुप्ता व गणेश शंकर गुप्ता से नौबस्ता स्थित उनकी जमीन खरीदी थी, जिसका 43,50,000 रुपयों का भुगतान विक्रेताओं को किया गया था। संजय गुप्ता इसमें सहमति पक्षकार है। दुबे के मुताबिक जमीन की रजिस्ट्री के बाद पता चला कि बेची गई जमीन पर पहले ही कई प्लॉट कई लोगों को बेचे जा चुके है और मौके पर पूरी जमीन भी नहीं है। कुल 4610 वर्गमीटर भूमि सड़क काटने के बाद 3227 वर्ग मीटर बची है। मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। साथ ही सीएम पोर्टल पर की गई उनकी शिकायत की जांच नौबस्ता पुलिस भी कर रही है। एफआईआर में इन तथ्यों को छिपाया है।
भाजपा पदाधिकारी वीरेंद्र दुबे ने बताया कि हरि शंकर गुप्ता व गणेश शंकर गुप्ता से नौबस्ता स्थित उनकी जमीन खरीदी थी, जिसका 43,50,000 रुपयों का भुगतान विक्रेताओं को किया गया था। संजय गुप्ता इसमें सहमति पक्षकार है। दुबे के मुताबिक जमीन की रजिस्ट्री के बाद पता चला कि बेची गई जमीन पर पहले ही कई प्लॉट कई लोगों को बेचे जा चुके है और मौके पर पूरी जमीन भी नहीं है। कुल 4610 वर्गमीटर भूमि सड़क काटने के बाद 3227 वर्ग मीटर बची है। मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। साथ ही सीएम पोर्टल पर की गई उनकी शिकायत की जांच नौबस्ता पुलिस भी कर रही है। एफआईआर में इन तथ्यों को छिपाया है।