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Kanpur: पूर्व मंत्री का बेटा धोखाधड़ी में गिरफ्तार, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट…दो साल से थी तलाश

Sun, 01 Jun 2025 11:10 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 01 Jun 2025 11:10 AM IST
सार

Kanpur News: कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि दो साल से यशवेंद्र प्रताप सिंह वांछित था, जिससे पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है।

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Kanpur Former state ministers son arrested for fraud report was filed on courts order searched for two years
कानपुर पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में सपा के दिवंगत पूर्व राज्यमंत्री के बेटे को शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसकी दो साल से तलाश थी। उसे बड़े चौराहे के पास से पकड़ा है। यशोदा नगर एस ब्लॉक निवासी अमित सिंह ने किदवई नगर जी ब्लॉक निवासी दिवंगत पूर्व राज्यमंत्री जगदेव सिंह के बेटे यशवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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यशवेंद्र हिंदुस्तान एरोनाटिक्स कर्मचारी आवास सहकारी समिति लिमिटेड का तत्कालीन सचिव था। मामले में परमियापुरवा निवासी कमल कुमार सिंह, अरविंद कुमार गुप्ता, सुंदर लाल, बृजकिशोर, केसा कालोनी निवासी संतोषी मिश्रा, गनेश कुमार गुप्ता, मनोज कुमार, प्रिया गुप्ता, नवाबगंज निवासी मनीषा श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव भी आरोपी थे।

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बाउंड्री और कमरे का निर्माण कराया था
अमित के अनुसार उनके पिता ने फरवरी 1988 को समिति के तत्कालीन सचिव जगदेव सिंह से ख्योरा कछार में 223 वर्गमीटर का एक प्लॉट खरीदा था। जनवरी 1989 में रजिस्ट्री कराकर बाउंड्री और कमरे का निर्माण कराया। यशवेंद्र ने षडयंत्र के तहत प्लॉट नंबर में बदलाव कर वर्ष 2014 में कमल कुमार सिंह व अरविंद कुमार गुप्ता को रजिस्ट्री कर दी। मामले में सुंदरलाल, बृजकिशोर गवाह हैं।

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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था मुकदमा
इसी प्लॉट को कमल ने दो भाग कर संतोषी मिश्रा पत्नी मनोज कुमार मिश्रा को बेच दिया। इस बार गनेश कुमार और मनोज गवाह थे। आरोपियों ने 2016 में गनेश और मनोज की गवाही में प्रिया गुप्ता को बेचा, जिसे उन्होंने मनीषा पत्नी आनंद श्रीवास्तव को बेचा। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपियों पर धोखाधड़ी, षडयंत्र रचने, कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग करने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि दो साल से यशवेंद्र प्रताप सिंह वांछित था, जिससे पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है।

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