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Kanpur: बिठूर के पूर्व चेयरमैन रामचंद्र का 102 वर्ष की उम्र में निधन, धार्मिक नगरी में जगाई थी शिक्षा की अलख
Mon, 09 Jun 2025 08:34 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 09 Jun 2025 08:34 PM IST
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रामचंद्र वामन की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बिठूर को बसाने और शिक्षा की अलख जगाने वाले सूबेदार परिवार के वंशज रामचंद्र वामन सूबेदार (बाबा साहब) का 102 साल की उम्र में सोमवार सुबह निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को बिठूर में होगा। परिवार में बेटा सतीश और दो बेटियां संध्या और अनुराधा आप्टे हैं।
नाती नितिन सूबेदार ने बताया कि उनके पूर्वज पुणे से बाजीराव पेशवा के साथ करीब दो सौ साल पहले यहां आए थे। बाजीराव पेशवा ने उनके वंशजों को बिठूर का सूबेदार बनाया था। बाबा साहब 30 साल तक बिठूर के चेयरमैन रहे। बताया जाता कि इनके वंशजों ने अंग्रेजों से 321 एकड़ जमीन सनद के रूप में ली थी। नितिन का दावा है कि सूबेदार परिवार ने ही बिठूर में श्री रामजानकी इंटर काॅलेज खुलवाया और बिठूर में बसने के लिए लोगों को आश्रय दिया।
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नाती नितिन सूबेदार ने बताया कि उनके पूर्वज पुणे से बाजीराव पेशवा के साथ करीब दो सौ साल पहले यहां आए थे। बाजीराव पेशवा ने उनके वंशजों को बिठूर का सूबेदार बनाया था। बाबा साहब 30 साल तक बिठूर के चेयरमैन रहे। बताया जाता कि इनके वंशजों ने अंग्रेजों से 321 एकड़ जमीन सनद के रूप में ली थी। नितिन का दावा है कि सूबेदार परिवार ने ही बिठूर में श्री रामजानकी इंटर काॅलेज खुलवाया और बिठूर में बसने के लिए लोगों को आश्रय दिया।
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