फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur: Five notices in six months, a fine of 1.20 crores, Falling of drains in Ganga did not stop

Kanpur: छह माह में पांच नोटिस, 1.20 करोड़ का जुर्माना... नहीं रुका गंगा में नालों का गिरना

Tue, 28 Feb 2023 01:28 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 28 Feb 2023 01:28 PM IST
सार

गंगा किनारे बने सबसे बड़े सीसामऊ नाले को करीब सात साल पहले टैप किया गया था, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण अभी भी वहां से अक्सर पानी का रिसाव सीधे गंगा में होता रहता है।

विज्ञापन
Kanpur: Five notices in six months, a fine of 1.20 crores, Falling of drains in Ganga did not stop
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

छह माह में पांच नोटिस और 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के बाद भी गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई नालों का गंगा में गिरना नहीं रोक पा रही है। जुर्माना लगाने और नोटिस देने की कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर केंद्रीय और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जुलाई से दिसंबर के बीच की थी। इस बीच निरीक्षण में परमिया नाला ओवरफ्लो होकर गंगा में गिरता मिला।
विज्ञापन


इस लापरवाही पर यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अमित मिश्रा के अनुसार 24 फरवरी की सुबह 10:55 बजे जाजमऊ स्थित 130 एमएलडी और 43 एमएलडी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से संबद्ध कॉमन सीवेज पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया था। तब सात में चार पंप चल रहे थे, जिससे नाले का पानी ओवरफ्लो होकर बाईपास लाइन के माध्यम से सीधे गंगा में जाता पाया गया था।
विज्ञापन

इससे पहले 15 फरवरी को भी रात आठ बजे औचक निरीक्षण में पांच पंप बंद मिले थे। तब भी गंदा पानी गंगा में जा रहा था। सोमवार को गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर नालों को गंगा में गिरने से रोकने को कहा गया है। साथ ही रिपोर्ट भी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि चार नाले भी गंगा में गिर रहे हैं, जबकि इन्हें 2018 में बंद करने का आदेश था। प्रति नाला प्रति माह के हिसाब से पांच लाख का जुर्माना लगातार छह महीने लगाया गया है।

सीसामऊ से पानी का रिसाव अभी भी ठीक नहीं हुआ
गंगा किनारे बने सबसे बड़े सीसामऊ नाले को करीब सात साल पहले टैप किया गया था, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण अभी भी वहां से अक्सर पानी का रिसाव सीधे गंगा में होता रहता है। कई बार के निरीक्षण के बावजूद गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई इसका हल नहीं खोज पाई है। पिछले महीने जिलाधिकारी ने जाकर इस मामले को देखा था। इसमें पता चला था कि यहां पर स्थापित टेफ्को कॉलोनी से एक पाइप लाइन नाले से सटकर गंगा की तरफ जा रही है। विभाग को चेतावनी दी गई थी कि इसे ठीक किया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed