कानपुर अग्निकांड: प्रशासन की पटकथा पर सवाल! बेटे का आरोप- रूरा एसओ ने किया था आग में झोंकने का प्रयास..ताकि
मड़ौली अग्निकांड में बेटे अंकित का आरोप है कि रूरा एसओ ने आग में झोंकने का प्रयास किया था। उसने बतायर कि आग से कोई बच न पाए, इसलिए हैंडपंप उखाड़ गया था। वहीं, मामले में प्रशासन की पटकथा ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही है।
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कानपुर देहात के अग्निकांड में प्रशासन द्वारा बताई गई पटकथा ग्रामीणों के गले नहीं उतरी है। एकजुट होकर ग्रामीण लगातार प्रशासन को ही दोषी बताते रहें। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में गुस्सा भी दिखाई पड़ा। डीएम नेहा जैन ने मीडिया में बताया था कि कृष्णगोपाल ने अतिक्रमण कर कमरा बनाया था।
शिकायत पर उसे हटा दिया गया। इसके बाद कृष्णगोपाल ने वहीं पर झोपड़ी बना ली। इस पर एसडीएम मैथा को कार्रवाई के लिए कहा था। सामान हटाने के लिए महिला से कहा तो उन्होंने अपनी बेटी के साथ आग लगा ली। डीएम के इस बयान से ग्रामीणों में नाराजगी और गुस्सा दिखाई दिया।
मौके पर पहुंचे प्रशासन के लोग भी यही बात बताते रहें, लेकिन प्रशासन की यह पटकथा ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही है। वहीं, कृष्णगोपाल ने बेटे अंकित ने बताया कि लेखपाल से बचने के लिए मां ने घर के अंदर का दरवाजा बंद कर लिया था।
इसके बाद झोपड़ी में पीछे की तरफ से अंदर घुसा और उसने बहन और मां के ऊपर डीजल डालकर आग के हवाले कर दिया। इस दौरान बुल्डोजर से झोपड़ी ढहा दी गई। अंकित का आरोप है कि रूरा एसओ ने उन्हें भी आग में झोंकने का प्रयास किया था।
उन्होंने बताया कि आग से मां और बहन बच नहीं पाए, इसलिए पानी की व्यवस्था के लिए लगे सरकारी हैंडपंप को उखाड़ दिया गया। वहीं, घटना के बाद ग्रामीण भी एकुजट दिखाई दिए। सभी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाएं और कार्रवाई की मांग की।
घटनास्थल पर नहीं जाने दिया बच्चों को
मां और बेटी के शवों को देखने के लिए मड़ौली गांव के अलावा दूर-दराज गांव के लोग भी आए। इस दौरान मड़ौली गांव के छोटे बच्चों को उनके परिवार के लोगों ने शव के पास नहीं भेजा, क्योंकि उनको डर था कि जला शव देखकर बच्चों की तबीयत न बिगड़ जाए।
प्रशासन ने आधा बीघा फसल की बर्बाद
मड़ौली गांव में घटनास्थल के आसपास खेत हैं। सभी में किसानों द्वारा फसल उगाई गई। इसी फसलों के बीच पुलिसकर्मियों व प्रशासन के लोगों का आवागमन जारी रहा। इस वजह से करीब आधा बीघा खेत की फसल बर्बाद हो गई।
पुस्तैनी पेड़ सूखे, तो कृष्णगोपाल ने लगाएं नए पौधे
मड़ौली गांव में कृष्णगोपाल जिस जगह रह रहे थे। वहां पर उनका पुस्तैनी पेड़ लगे हुए थे। वह धीरे-धीरे सूख गये। कृष्णगोपाल ने बताया कि यहां दोबारा से पौधरोपण किया था।