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Kanpur: अखिलेश दुबे पर एफआईआर कराने वाले पर 3.21 करोड़ की धोखाधड़ी में रिपोर्ट
Wed, 24 Dec 2025 09:47 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 24 Dec 2025 09:47 PM IST
सार
Kanpur News: कूटरचित दस्तावेजों से जमीन बेचने में दो अधिवक्ता, महिला समेत पांच को आरोपी बनाया। धार्मिक ट्रस्ट का कार्यालय बनाने के लिए पीड़ित को जमीन बेची थी।
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अधिवक्ता अखिलेश दुबे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अधिवक्ता अखिलेश दुबे पर डकैती और बंधक बनाकर धमकाने की एफआईआर दर्ज कराने वाला शैलेंद्र कुमार एक बार फिर से धोखाधड़ी के मामले में फंस गया। बगाही भट्ठा निवासी कारोबारी रवि प्रताप सिंह ने उसके खिलाफ बाबूपुरवा कोतवाली में 3.21 करोड़ की धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शैलेंद्र के साथ उसके दो अधिवक्ता साथियों समेत पांच के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से जमीन बेचने और रंगदारी मांगने का आरोप है। इससे पूर्व शैलेंद्र पर उस्मानपुर काॅलोनी निवासी सेवानिवृत्त ओईएफ कर्मी ने मकान दिलाने के 44 लाख रुपये हड़पने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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रवि प्रताप श्री राधा रमण शिष्य संप्रदाय फाउंडेशन के मंडल सलाहकार हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि फाउंडेशन को किदवईनगर में एक जमीन की आवश्यकता थी। इसी सिलसिले में उनकी मुलाकात अधिवक्ता अजय प्रकाश अग्निहोत्री, सुरेंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार से हुई। इन लोगों ने उन्हें एम ब्लाॅक किदवईनगर में 611 वर्गगज का भूखंड और उसका बैनामा दिखाया। यह जमीन अरुण कुमार अवस्थी के नाम पर थी और उन्हें इसका इकलौता मालिक दिखाया गया था। अंकित शर्मा व रिमझिम त्रिपाठी बतौर गवाह थे।
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आरोप है कि इन शातिरों ने फर्जी पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र और कूटरचित दस्तावेजों के जरिये जमीन बेचकर 3.21 करोड़ हड़प लिए। फर्जीवाड़े का खुलासा नामांतरण कराने के दौरान हुआ जब अरुण अवस्थी के परिवार वालों ने आपत्ति लगाई। धोखाधड़ी का खेल खुलने के बाद भी शातिरों ने अरुण के परिजनों से एनओसी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये और ठग लिए। इसके बावजूद एनओसी न मिलने पर रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। विवेचक राम मूरत पटेल ने बताया कि अधिवक्ता अजय प्रकाश अग्निहोत्री, सुरेंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार, अंकित शर्मा और रिमझिम त्रिपाठी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपों की जांच की जा रही है।
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