Kanpur: बाढ़ से मिला किसानों को जख्म, जमीन मालिक ले जाते मुआवजा, किसान बोले- अब शहर में करनी पड़ेगी मजूदरी
Kanpur News: ख्योरा कटरी और बिठूर कटरी के सभी गांव कल्याणपुर जिला पंचायत के तहत आते हैं। अगले साल जिला पंचायत सदस्य के अलावा प्रधानी के चुनाव भी प्रस्तावित हैं। भावी उम्मीदवार बाढ़ की आपदा में तन, मन और धन से बाढ़ पीड़ितों को लुभाने के लिए सेवा कर रहे हैं।
विस्तार
कानपुर में ख्योरा कटरी और बिठूर कटरी के करीब 18 गांवों के चार से पांच हजार ग्रामीणों का मुख्य पेशा खेती है। इसी के सहारे इनका जीवनयापन होता है। बाढ़ का पानी भरने की वजह से करीब चार हजार बीघा में बोई लौकी, कद्दू, तरोई, भिंडी, धनिया की फसल बर्बाद हो गई है। किसानों को करीब एक करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन है। इससे बड़ी विडंबना यह है कि इस नुकसान का मुआवजा किसान को नहीं शहरों में रहने वाले बिल्डरों-जमीन मालिकों को मिलता है।
दरअसल कटरी क्षेत्र में शहर के बिल्डरों और रसूखदार लोगों के सैकड़ों बीघा में खेत और फार्म हाउस हैं। यह उन्होंने करीब तीन दशक पहले यहां के किसानों से खरीदे थे। इसके बाद उन्होंने अपने खेत किसानों को बंटाई पर दे रखे हैं। एक प्रशासनिक अधिकारी के मुताबिक बाढ़ का मुआवजा खतौनी पर चढ़े नाम के अनुसार मिलता है। ऐसे में शहर में रहे इन खेतों के मालिकों को मुआवजे की रकम मिल जाती है। बंटाईदार किसानों को मुआवजा देने का कोई अभी तक प्रावधान नहीं है।
किराये की खेती में 60 हजार की लागत से भिंडी, लौकी, तरोई, बींस बोई थी। सब गंगा मैया की भेंट चढ़ गया है। खेतों में इतना पानी भरा है कि करीब तीन महीने तक कोई फसल नहीं बो सकते हैं। परिवार के बच्चों को अब जीवनयापन के लिए मजदूरी करने जाना पड़ेगा। -भगवानदीन निषाद, लक्ष्मनपुरवा
रिश्तदारों से उधार पैसे लेकर एक बीघा में गेंदा, एक बीघा में भिंडी, एक बीघा में मूली लगाई थी। बाढ़ के पानी ने सब बर्बाद कर दिया। करीब 70 हजार की लागत पानी में बह गई। अब परिवार का पालन पोषण करने के लिएशहर जाकर मजदूरी करनी पड़ेगी। इतनी बार बाढ़ से फसल बर्बाद हुई आज तक एक पैसा मुआवजे के नाम पर नहीं मिला। -बाबूराम निषाद, भोपालपुरवा
और घटा गंगा का पानी
हरिद्वार और नरौरा से कम पानी आने के कारण शनिवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे आ गया। गंगा बैराज के गेज रीडर उत्तम पाल ने बताया कि बैराज की अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.40 मीटर पर आ गया है। बैराज के आगे डाउन स्ट्रीम में यह 113.90 मीटर रहा। नरौरा से 71,077 क्यूसेक और हरिद्वार से 92,098 क्यूसेक पानी आया। बैराज से 3,81,582 क्यूसेक पानी निकाला गया। इसके चलते शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर शुक्रवार के 113.06 मीटर से 32 सेंटीमीटर घटकर 112.74 मीटर रहा। यहां चेतावनी बिंदु 113 मीटर पर है।
अभी गांवों में भरा पानी
गांवों में पानी भरा होने के कारण ग्रामीण घरों को वापस नहीं जा सकते हैं। बाढ़ की वजह से बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। शनिवार को मेडिकल कैंपों में करीब 700 ग्रामीणों ने दवाइयां लीं। बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा, पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख अनुराधा शुक्ला, अशोक निषाद, मल्हू निषाद, अमित यादव ने बैराज मार्ग पर शरण लिए करीब छह हजार लोगों के लिए भोजन उपलब्ध करवाया। बैराज मार्ग पर शरण लिए दुर्गापुरवा निवासी विवान निषाद (10) को बाइक सवार ने टक्कर मार दी जिससे उसे सिर के अलावा कई जगह चोटें आईं। मेडिकल कैम्प में दवा तो मिल गई लेकिन ड्रेसिंग न हो पाई।
भावी प्रत्याशी आपदा में तलाश रहे अवसर
ख्योरा कटरी और बिठूर कटरी के सभी गांव कल्याणपुर जिला पंचायत के तहत आते हैं। अगले साल जिला पंचायत सदस्य के अलावा प्रधानी के चुनाव भी प्रस्तावित हैं। भावी उम्मीदवार बाढ़ की आपदा में तन, मन और धन से बाढ़ पीड़ितों को लुभाने के लिए सेवा कर रहे हैं। कुछ ने तो बाढ़ राहत शिविरों में लगे बैनरों में अपनी दावेदारी भी कर रखी है।