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Kanpur: एलटीटी ट्रेन में खाना बेचते पकड़े गए फर्जी पैंट्रीकार मैनेजर और वेंडर, दोनों पर मुकदमा

Mon, 08 Apr 2024 12:12 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 08 Apr 2024 12:12 AM IST
सार

एलटीटी ट्रेन में खाना बेचते फर्जी पैंट्रीकार मैनेजर और वेंडर को पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज किया है।

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Kanpur: Fake pantry car manager and vendor caught selling food in LTT train, case filed
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ट्रेनों में अवैध तरीके से भोजन, पानी और कोल्डडि्रंक की सप्लाई करने का खेल चल रहा है। ताजा मामला रविवार की शाम को लखनऊ से लोकमान्य तिलक टर्मिनल (एलटीटी) जा रही लोकमान्य तिलक टर्मिनल एसी एक्सप्रेस 22122 में देखने को मिला। दूसरी ट्रेन के पास पर एलटीटी में खाना बेचते पैंट्रीकार मैनेजर और वेंडर को पकड़ा गया। दोनों से जो पास मिला है, वह दूसरी ट्रेन में खाना बेचने का था। इसके अलावा कैटरिंग कंपनी का मेडिकल सर्टिफिकेट भी नहीं मिला। दोनों के खिलाफ आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई को लेकर स्टेशन पर चेकिंग दल और पैंट्रीकार के स्टाफ से कहासुनी भी हुई। इस वजह से ट्रेन करीब आधे घंटे देरी से रवाना हो सकी।
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एलटीटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब चार बजे लखनऊ स्टेशन से रवाना हुई। ट्रेन के फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड एसी कोच में चाय और नाश्ता बेचा जा रहा था। ट्रेन उन्नाव के पास पहुंची, तभी कोच कंडक्टर बीएस कुशवाहा ने पैंट्री के मैनेजर नितिन शिवहरे से अधिकार पत्र और मेडिकल के दस्तावेज मांगे, जिस पर वह नहीं दिखा सके। कोच कंडक्टर ने अन्य स्टाफ की जांच भी की। कोच में खाना बेच रहे आशीष पांडेय से भी दस्तावेज की मांग की, लेकिन उसके पास भी कोई मान्य दस्तावेज नहीं मिला।
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उन्होंने सख्ती से पूछताछ की तो वेंडर बीएस कुशवाहा से भिड़ गए। उन्होंने नितिन शिवहरे और आशीष पांडेय को बिना टिकट यात्रा करने और अवैध तरीके से खाद्य सामग्री बेचने का मेमो दिया। ट्रेन शाम के 5:50 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर आई। आरपीएफ के एसआई हरीशचंद्र और अन्य स्टाफ ने दोनों को नीचे उतारा। इस बीच अन्य वेंडरों ने हंगामा किया। आरपीएफ इंस्पेक्टर बुधपाल सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ दूसरी ट्रेन के कागजात मिले हैं। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
 

क्या कहता है नियम
ट्रेनों में भोजन आदि की सप्लाई के लिए किसी कंपनी को कैटरिंग का ठेका दिया जाता है। उक्त कंपनी अपने पैंट्री मैनेजर, वेंडर आदि की नियुक्ति करती है। मेडिकल कराने के बाद सभी को पास जारी किए जाते हैं। इसके अलावा किस ट्रेन में किसकी ड्यूटी होती है, इसका भी पास जारी किया जाता है।

 
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पेंट्रीकार में मिली थी अव्यवस्था, नहीं हुई कार्रवाई
ट्रेनों में अवैध तरीके से खाद्य सामग्री और दूसरे ब्रांड की पानी की बोतलें बेची जा रही हैं। यह खेल रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी की अनदेखी से चलता है। पिछले दिनों सेंट्रल से दिल्ली, हावड़ा और मुंबई रूट की ट्रेनों की पैंट्रीकार में जांच की गई थी, जिसमें गंदगी और अनियमितता मिली थी। वेंडरों को सिर्फ हिदायत देकर छोड़ा गया था। इसमें नेताजी एक्सप्रेस, नार्थ ईस्ट और सीमांचल एक्सप्रेस शामिल है। नेताजी एक्सप्रेस के पैंट्रीकार में रेल नीर की जगह दूसरे ब्रांड की पानी की बोतलें पकड़ी गईं थी।

दूसरी ट्रेन के पास पर एलटीटी में खाना बेचने पर दो लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इनके पास कैटरिंग कंपनी का मेडिकल सर्टिफिकेट भी नहीं था। ये लोग सरफराज कैटरिंग सर्विस से जुड़े हैं।- बुधपाल सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर

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