{"_id":"580e67604f1c1bba3cbc2197","slug":"kanpur-excise-officer-under-scrutiny","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर के एक्साइज अधिकारी जांच के दायरे में ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर के एक्साइज अधिकारी जांच के दायरे में
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 25 Oct 2016 01:26 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली ऑफिस ने पूछा, कैसे तैयार हुआ 2300 करोड़ का काला कारोबार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर रिमझिम इस्पात के मालिक योगेश अग्रवाल के 2300 करोड़ के काले कारोबार के खुलासे के बाद एक्साइज विभाग के अधिकारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। दिल्ली मुख्यालय ने स्थानीय अधिकारियों की नाकामी पर सवाल उठाए हैं। पूछा है कि आखिर विभाग का खुफिया नेटवर्क फेल क्यों हुआ? इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बावजूद योगेश अग्रवाल की कंपनी चार साल तक गोपनीय काम करती रही और अफसरों को पता नहीं चला।
दिल्ली मुख्यालय की इस सक्रियता पर स्थानीय कार्यालय में हड़कंप मचा है। कई अधिकारी जांच के दायरे में आ सकते हैं। स्थानीय अधिकारियों की साख पर उसी समय चोट हो गई थी जब दिल्ली से आई टीम ने यहां सूचना दिए बिना ही योगेश अग्रवाल के दर्जन भर ठिकानों पर जांच शुरू कर दी थी। स्थानीय अधिकारियों को एक दिन बाद सूचना दी गई थी।अफसरों को दिल्ली से सूचना लीक होने की आशंका थी।
ये है मामला
योगेश अग्रवाल प्रदेश के जाने-माने उद्योगपति और रिमझिम इस्पात के मालिक हैं। सेंट्रल एक्साइज की टीम ने 21 अक्तूबर को इन्हें नई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। अगले दिन कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में उन्हें जेल भेज दिया। इन पर 2300 करोड़ रुपये के माल की नंबर दो में बिक्री का आरोप है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली मुख्यालय की इस सक्रियता पर स्थानीय कार्यालय में हड़कंप मचा है। कई अधिकारी जांच के दायरे में आ सकते हैं। स्थानीय अधिकारियों की साख पर उसी समय चोट हो गई थी जब दिल्ली से आई टीम ने यहां सूचना दिए बिना ही योगेश अग्रवाल के दर्जन भर ठिकानों पर जांच शुरू कर दी थी। स्थानीय अधिकारियों को एक दिन बाद सूचना दी गई थी।अफसरों को दिल्ली से सूचना लीक होने की आशंका थी।
विज्ञापन
ये है मामला
योगेश अग्रवाल प्रदेश के जाने-माने उद्योगपति और रिमझिम इस्पात के मालिक हैं। सेंट्रल एक्साइज की टीम ने 21 अक्तूबर को इन्हें नई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। अगले दिन कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में उन्हें जेल भेज दिया। इन पर 2300 करोड़ रुपये के माल की नंबर दो में बिक्री का आरोप है।
विज्ञापन