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Kanpur: साइबर ठगी की रकम हड़पने के लिए बैंक खाते खुलवाने वाले आठ गिरफ्तार
Sun, 12 Oct 2025 10:22 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 12 Oct 2025 10:22 PM IST
सार
स्वरूपनगर पुलिस ने रविवार तड़के आरोपियों को मोतीझील के पास से पकड़ा। कार भी बरामद की। आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पोर्टल पर 33 शिकायतें दर्ज हैं।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वरूपनगर पुलिस ने रविवार तड़के आठ साइबर ठगों को मोतीझील मैदान के समीप स्थित गुरुगोविंद सिंह द्वार के पास से गिरफ्तार किया। सभी ठगी की रकम हड़पने के लिए जरूरतमंदों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। दो हजार रुपये का लालच देकर उनके आधार से बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम निकाल लेते हैं। इनकी पहचान प्रयागराज निहालपुर का मोहम्मद सलमान, पानदरीबा का मो. इमरान, फाफामऊ निवासी अरुण सिंह, सर्वोदयनगर का कासिम अली, झारखंड के धनबाद का ओम रजवार, मऊ के मोहम्मदाबाद का पीयूष सिंह, अंबाला का पिसोरा सिंह और बलरामपुर के अतरौला का रजत कुमार वर्मा के रूप में हुई।
स्वरूपनगर इंस्पेक्टर सूर्यबली पांडेय ने बताया कि तड़के वाहन चेकिंग के दौरान सफेद रंग की कार में संदिग्धों के बैठे होने की सूचना मिली। पुलिसकर्मियों ने वहां पहुंचकर आरोपियों की तलाशी ली। इनके पास से 10 मोबाइल, 11 सिम, तीन आधार, चार डीएल, दो मतदाता पहचान पत्र, दो पैन कार्ड, 15 डेबिट कार्ड, एक क्रेडिट कार्ड, सात पासबुक, 15 चेक बुक बरामद हुईं।
सख्ती से पूछताछ में उनके साइबर ठग होने का पता चला। गरीब और जरूरतमंद लोगों से दो हजार रुपये में आधार लेकर उनका बैंक खाता खुलवाते हैं। खाते की पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड अपने पास ही रखते हैं। इसके बाद साइबर ठगी से आने वाले रकम इन्हीं बैंक खातों में डलवाकर उन्हें डेबिट कार्ड की मदद से निकाल लेते हैं। ऐसे में पुलिस की नजर में ठगी के आरोपी बैंक खाता धारक बन जाते हैं।
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पुलिस को मिली कार अरुण के प्रयागराज निवासी दोस्त मनोज यादव की है जिसका प्रयोग इस फर्जीवाड़े के काम में आनेजाने के लिए किया जाता है। पुलिस ने कार को सीज कर दिया। पुलिस की पूछताछ में रजत ने बताया कि कुछ डेबिट कार्ड व पासबुक गोंडा निवासी होटल मालिक कृष्ण मोहन श्रीवास्तव को देने थे। इनका प्रयोग वह ठगी के रुपयों के लेनदेन में करते हैं। आरोपियों के पास से मिली बैंक पासबुक की जांच में पता चला कि नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर इन बैंक खातों से संबंधित 33 मामले पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में दर्ज हैं।
मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
कल्याणपुर में पंचर बनाने वाले युवक और उसकी पत्नी के नाम पर बैंक खाता खुलवा कर उसमें 53 लाख रुपयों के संदिग्ध लेनदेन के मामले में पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में करीब 15 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज हुई है। कल्याणपुर के कश्यपनगर निवासी धर्मेंद्र कुमार पंचर की दुकान चलाते हैं। उन्होंने पड़ोसी बंशी मेडिकल स्टोर के संचालक रवि गुप्ता पर पांच हजार रुपये प्रति खाते का लालच देकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में उनका व पत्नी पिंकी का खाता खुलवाने का आरोप लगाया था। डेबिट कार्ड व उसका पिन कोड भी ले लिया था। इसके बाद दोनों के बैंक खातों में अवैध तरीके से कुल 53 लाख रुपये डालने के बाद निकालने का पता चला। पीड़ित ने थाने में शिकायत कर दोनों खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए किए जाने की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसीपी कल्याणपुर रंजीत कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जा रही है।
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स्वरूपनगर इंस्पेक्टर सूर्यबली पांडेय ने बताया कि तड़के वाहन चेकिंग के दौरान सफेद रंग की कार में संदिग्धों के बैठे होने की सूचना मिली। पुलिसकर्मियों ने वहां पहुंचकर आरोपियों की तलाशी ली। इनके पास से 10 मोबाइल, 11 सिम, तीन आधार, चार डीएल, दो मतदाता पहचान पत्र, दो पैन कार्ड, 15 डेबिट कार्ड, एक क्रेडिट कार्ड, सात पासबुक, 15 चेक बुक बरामद हुईं।
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सख्ती से पूछताछ में उनके साइबर ठग होने का पता चला। गरीब और जरूरतमंद लोगों से दो हजार रुपये में आधार लेकर उनका बैंक खाता खुलवाते हैं। खाते की पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड अपने पास ही रखते हैं। इसके बाद साइबर ठगी से आने वाले रकम इन्हीं बैंक खातों में डलवाकर उन्हें डेबिट कार्ड की मदद से निकाल लेते हैं। ऐसे में पुलिस की नजर में ठगी के आरोपी बैंक खाता धारक बन जाते हैं।
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पुलिस को मिली कार अरुण के प्रयागराज निवासी दोस्त मनोज यादव की है जिसका प्रयोग इस फर्जीवाड़े के काम में आनेजाने के लिए किया जाता है। पुलिस ने कार को सीज कर दिया। पुलिस की पूछताछ में रजत ने बताया कि कुछ डेबिट कार्ड व पासबुक गोंडा निवासी होटल मालिक कृष्ण मोहन श्रीवास्तव को देने थे। इनका प्रयोग वह ठगी के रुपयों के लेनदेन में करते हैं। आरोपियों के पास से मिली बैंक पासबुक की जांच में पता चला कि नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर इन बैंक खातों से संबंधित 33 मामले पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में दर्ज हैं।
मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
कल्याणपुर में पंचर बनाने वाले युवक और उसकी पत्नी के नाम पर बैंक खाता खुलवा कर उसमें 53 लाख रुपयों के संदिग्ध लेनदेन के मामले में पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में करीब 15 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज हुई है। कल्याणपुर के कश्यपनगर निवासी धर्मेंद्र कुमार पंचर की दुकान चलाते हैं। उन्होंने पड़ोसी बंशी मेडिकल स्टोर के संचालक रवि गुप्ता पर पांच हजार रुपये प्रति खाते का लालच देकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में उनका व पत्नी पिंकी का खाता खुलवाने का आरोप लगाया था। डेबिट कार्ड व उसका पिन कोड भी ले लिया था। इसके बाद दोनों के बैंक खातों में अवैध तरीके से कुल 53 लाख रुपये डालने के बाद निकालने का पता चला। पीड़ित ने थाने में शिकायत कर दोनों खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए किए जाने की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसीपी कल्याणपुर रंजीत कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जा रही है।